पढ़ें- क्यों मुख्यमंत्री रावत को झेलना पड़ा ग्रामीणों का विरोध ?

harish rawatनैनीताल जिले के कोटाबाग ब्लॉक के डान परेवा गांव के शहीद दीवान सिंह बिष्ट की 71वीं पुण्यतिथि पर पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। शहीद दीवान सिंह बिष्ट को नमन के बाद जब मुख्यमंत्री रावत ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे, उस दौरान कई महिलाएं खड़े होकर मुख्यमंत्री रावत के खिलाफ नारेबाजी करने लगीं। ये महिलाएं मुख्यमंत्री रावत पर घोषणाएं पूरी ना करने का आरोप लगा रही थी।

महिलाओं के विरोध के चलते मुख्य़मंत्री रावत को कुछ देर अपना संबोधन भी रोकना पड़ा। विरोध के बीच रावत ने डॉन परेवा गांव की सड़कें, शहीद स्मारक के सौंदर्यीकरण आदि निर्माण की स्वीकृति दी। साथ ही मैदान के चौड़ीकरण, ओखलढूंगा में जूनियर हाईस्कूल का उच्चीकरण, कोटाबाग से डान परेवा तक मोटर मार्ग के निर्माण आदि की स्वीकृति दी।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की आजादी में डॉन परेवा, सल्ट, देघाट, खुमाड, जैती गांव के जवानों ने अपनी शहादत देकर देश की रक्षा की। शहीद दीवान सिंह बिष्ट बरेली जेल में अंग्रेजों की यातनाएं सहते हुए शहीद हो गए। सीएम ने कहा कि सरकार 1000 सड़कों का निर्माण कर हर गांवों को विकास से जोड़ने का प्रयास है। साथ ही सरकार किसानों को पानी, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराएगी।