ज़रूर देखें | भारत का स्विट्जरलैंड…कौसानी

1684

कौसानी [उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो] कौसानी यानी भारत का स्विट्जरलैंड। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उत्तराखंड के इस खूबसूरत स्थान के लिए यही कहा था और यहां आने वाला हर शख्स इस बात को महसूस भी करता है।

वैसे कौसानी का एक और साहित्यिक परिचय यह भी है कि कौसानी प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रनंदन पंत की जन्मस्थली है। कौसानी सिर्फ साहित्य के लिए ही महत्त्वपूर्ण जगह नहीं है, इसकी गिनती कुमाऊं के सबसे सुंदर पर्यटन स्थलों में होती है। समुद्र तल से 6075 फीट की ऊंचाई पर बसा कौसानी एक खूबसूरत पर्वतीय पर्यटक स्थल है। विशाल हिमालय के अलावा यहां से नंदाकोट, त्रिशूल और नंदा देवी पर्वत का भव्य नजारा देखने को मिलता है। चीड़ के घने पेड़ों के बीच एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित कौसानी से सोमेश्वर, गरुड़ और बैजनाथ कत्यूरी की सुंदर घाटियों का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है।

kausani 1

कौसानी की असली खूबसूरती देखनी हो तो यहां सुबह-सवेरे सूर्य को पहाड़ियों के बीच से निकलते ज़रूर देखिए। कुमाऊं में यह मान्यता है कि सूर्योदय सबसे पहले कौसानी में ही होता है। यहां पहुंच कर आपको लगेगा कि यह बात सच है। आखिर सूर्य को अपने उदय के लिए इससे खूबसूरत जगह भला और कहां मिलेगी। हालांकि कौसानी में सूर्योदय का ये खूबसूरत नज़ारा अगर आपने देख लिया तो खुद को भाग्यशाली समझिएगा क्योंकि दिक्कत सिर्फ यही है कि यह अद्भुत नजारा यहां हर रोज नहीं दिखता, सिर्फ तभी दिखता है, जब आसमान पर बादल या धुंध न छाई हों।

kausani sunrise

दो जगहें और हैं, जहां आप जा सकते हैं। एक तो वह घर जहां सुमित्र नंदन पंत का जन्म हुआ था। इसे अब संग्रहालय में बदल दिया गया है। दूसरा है लक्ष्मी आश्रम, जिसे गांधी जी की शिष्या सरला बेन ने बनवाया था। उन्होंने यहां लड़कियों के लिए जो आवासीय स्कूल शुरू किया था, वह आज भी चल रहा है।

kausani 2कौसानी के आसपास की जगहें भी ज़रूर देखें

बागेश्वर, बैजनाथ, अल्मोड़ा, चौकोड़ी, लखुड़ियार आदि ऐसी ही जगहें हैं जो कौसानी से बेहद करीब हैं और जहां जाने को आपका दिल मचल उठेगा।

कहां ठहरें

कौसानी उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल का बेहद लोकप्रिय हिल स्टेशन है और इस कारण यहां ठहरने की भी काफी अच्छी व्यवस्था है। यहां कुमाऊं मंडल विकास निगम का टूरिस्ट रेस्ट हाउस है। यहां का बेस्ट सीजन अप्रैल से जून और सितम्बर से नवम्बर होता है।

कैसे पहुंचें

वायु मार्ग: यहां का नजदीकी हवाई अड्डा पंत नगर में है, जो 178 किलोमीटर है। जैग्सन और किंगफिशर रेड की नियमित उड़ानें हैं। यहां से टैक्सी द्वारा कौसानी पहुंच सकते हैं।

रेल मार्ग: नजदीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम है, जो कौसानी से 141 किलोमीटर की दूरी पर है। उत्तराखंड संपर्क क्रांति और रानीखेत एक्सप्रेस से काठगोदाम तक पहुंच सकते हैं। काठगोदाम से स्थानीय बस या टैक्सी की सेवा ली जा सकती है।

सड़क मार्ग: दिल्ली से कौसानी की दूरी लगभग 431 किलोमीटर है। दिल्ली के आनन्द विहार बस अड्डे से उत्तराखंड रोडवेज की बसें कौसानी के लिए दिन भर चलती रहती हैं। आप इसी बस अड्डे से वॉल्वो भी ले सकते हैं, जिसे हल्द्वानी में छोड़ना पड़ेगा।