इस मासूम बच्चे को बाढ़ ने नहीं मारा, सच्चाई जानकर उड़ जाएंगे आपके होश !

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) सोशल मीडिया पर एक मरे हुए बच्चे की तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इसे लेकर दावा किया जा रहा था कि बिहार में आई भीषण बाढ़ और प्रशासनिक लापरवाही की वजह से इस बच्चे की मौत हो गई।

इस तस्वीर की तुलना सीरीया में समुद्र तट में बह कर आए एक मासूम शर्णार्थी के शव के साथ तक की जा रही है। इस तस्वीर को लेकर बिहार में राजनीति भी खूब गर्माई और आरजेडी ने नीतीश सरकार पर तीखा प्रहार किया लेकिन अब इस बच्चे की मौत का जो कारण सामने आया है वो दावों से बिल्कुल उलट है।

दरअसल मुजफ्फरपुर के शितलपट्टी में जिस बच्चे को लेकर सोशल मीडिया पर राजनीति गरमाई हुई है उसकी मौत बाढ़ के पानी में डूबने से नहीं बल्कि दूसरे कारण से हुई थी। पुलिस का दावा है कि बच्चे की मौत पानी में डूबने से नहीं हुई थी बल्कि उसे पानी में डुबो कर मारा गया था।

इस घटना को लेकर मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी आलोक रंजन घोष ने बताया कि 16 जुलाई 2019 को मुजफ्फरपुर के शीतलपट्टी गांव की एक महिला रीना देवी का अपने पति से फोन पर विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद महिला ने गुस्से में आकर अपने चारों बच्चों को नदी में फेंक दिया और खुद भी आत्महत्या करने के लिए पानी में कूद गई।

डीएम ने बताया कि महिला की बड़ी बेटी ने अपनी मां का बाल पकड़ लिया था इसलिए ग्रामीणों की मदद से वो डूबने से बच गई लेकिन उस बच्चे की डूबने से मौत हो गई जिसे खुद उसकी मां ने गुस्से में आकर पानी में फेंका था।

बच्चे की मौत को लेकर जब उसकी मां रीना देवी से सवाल किया गया तो उन्होंने मात्र इतना कहा, ‘हम बच्चे को लेकर नदी में कपड़ा साफ करने गए। बच्चे कैसे डूबे मुझे पता नहीं चला। चारों बच्चों को ऊपर ही बैठक कर नदीं में कपड़ा धोने चले गए और बौआ (बच्चा) कहां से पानी में चला गया पता नहीं।

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