उत्तराखंड | दादी-बुआ निकले 4 साल की मासूम के हत्यारे, आंगनबाड़ी केंद्र से किया था अपहरण

खटीमा(उत्तराखंड पोस्ट)शनिवार को खटीमा के आंगनबाड़ी केंद्र से चार वर्षीय मासूम का अपहरण के बाद  हत्या का खुलासा हो गया है ।इस हत्या की पूरी वारदात में बच्ची की बुआ, दादी भी शामिल है।पुलिस की जांच में सामने आया कि मामला पारिवारिक रंजिश का है।

पुलिस ने  मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या में दादी, बुआ और बुआ के प्रेमी मुख्य आरोपी यूनुस को गिरफ्तार कर एक किशोर को भी हिरासत में लिया है। किशोर को न्याय बोर्ड में पेश किया जाएगा। यूनूस 4 साल की मासूम बच्ची को जंगल में ले गया और किशोर के साथ मिलकर कांच की बोतल से वार कर बच्ची की निर्मम हत्या कर दी।

शनिवार शाम कोतवाली में इस्लामनगर वार्ड संख्या 4 निवासी इरफान ने बाजार पुलिस चौकी को सूचना दी थी कि उसकी चार वर्षीय बेटी रोशनी आंगनबाड़ी केंद्र से गायब है। कोई अज्ञात युवक उसे ले गया है। वहीं पुलिस ने सर्विलांस की मदद से कंचनपुरी सत्रहमील निवासी यूनुस को हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर भिलैया के जंगल से बच्ची का शव बरामद कर लिया। मामले में रात में ही एसएसपी और एएसपी ने भी कोतवाली पहुंचकर जानकारी ली। रात में ही पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया

पूछताछ में यूनुस ने बताया कि मृतका की दादी और बुआ अपहरण और हत्या के षड्यंत्र में शामिल हैं। बच्ची के पिता इरफान का अपनी मां समसीरन और एक नाबालिग रिश्तेदार के साथ मकान और हक को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। इसे लेकर अकसर कहासुनी होती रहती थी। इस कारण समसीरन और अन्य परिजन इरफान से रंजिश रखते थे और उसे सबक सिखाने की फिराक में थे।

बेटी खुशनुमा के दोस्त यूनुस का इनके घर में आना-जाना था। यूनुस बच्ची का मामा बनकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचा और बच्ची को अपने साथ टुकटुक में बैठाकर भलैया के जंगल की ओर ले गया। वहां इरफान का रिश्तेदार किशोर पहले से मौजूद था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि दोनों बच्ची को जंगल में ले गए थे औऱ वहां यूनुस ने कांच की बोतल से वार कर उसकी हत्या कर दी।यहां तक कि आरोपियों ने बच्ची की एक आंख तक निकाल दी थी।

कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 364, 506, 302 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया और साथ ही बच्ची की दादी और बुआ को भी गिरफ्तार कर लिया। हत्याकांड में शामिल आरोपी यूनुस और नाबालिग किशोर एक बाइक एजेंसी में डेढ़ माह पहले एक साथ काम करते थे। इसी बीच, एक शादी समारोह में परिवार के लोगों से यूनुस से पहचान हुई। इसके बाद से ही यूनुस की उक्त परिवार से फोन पर बातचीत हो रही थी। वारदात से दो दिन पहले परिवार के दो पक्षों में हुई मारपीट में उक्त परिवार के लोगों को चोट आई तो वह भी इस षड्यंत्र में शामिल हो गया।

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