डेंगू से सरकारी अस्पताल में नहीं हुई एक भी मौत, केवल डर का है माहौल: त्रिवेंद्र

भोपाल (उत्तराखंड पोस्ट) डेंगू पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि डेंगू का प्रदेश में भय उत्पन्न हो गया है, जबकि इससे अभी तक सरकारी अस्पताल में एक भी मौत नहीं हुई है। जो छह मौतें बताई जा रही हैं, वो प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती मरीजों की हैं।

सरकार की पूरी नजर | मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरी तरह स्थिति पर नजर रखे हुए है और लोगों को जागरूक बनाने के साथ रोकथाम अनिवार्य कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन जो मरीज डर के प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं, उन्हें भारी भरकम बिल चुकना पड़ रहा है।

भर्ती होने पर जोर | उन्होंने कहा कि डेंगू को लेकर बने माहौल से लोग एतिहात बरतने के बजाए बुखार आते ही अस्पतालों में भर्ती होने पर जोर दे रहे हैं। मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में भारी भरकम बिल झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई मामले उनके सामने आए हैं, जिनमें लाखों का बिल डेंगू मरीज ने भरा।

डर फैला दिया गया है | यह लगातार बताया जा रहा है कि पैरासिटामोल की गोली बुखार आने पर डाक्टर की सलाह से खानी है और अन्य एतिहात बरतनी है, लेकिन इतना डर फैला दिया गया है कि लोग भर्ती हो जा रहे हैं। अस्पताल में भर्ती स्थिति में बिल्कुल सुधार न होने पर ही होना चाहिए।

4816 डेंगू के मरीज | स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में डेंगू मरीजों की संख्या 4816 तक पहुंच गई है। इसमें देहरादून जिला में छह और नैनीताल में दो लोगों की मौत हुई है।

अब तक देहरादून में जनपद में 3037 मरीज, नैनीताल में 1355, हरिद्वार में 186, ऊधमसिंह नगर में 187, पौड़ी में 12, अल्मोड़ा में 9, बागेश्वर में तीन, चमोली में तीन, चंपावत में दो, रुद्रप्रयाग जनपद में डेंगू के छह मरीज हैं। जबकि उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ में डेंगू का एक भी मामला अभी तक सामने नहीं आया है।

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