विधानसभा में पुराना बजट ही पारित करवाएगी सरकार: वित्त मंत्री

INDIRAआगामी 4 और 5 जुलाई को उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में राज्य सरकार विधानसभा में पुराना बजट ही पेश करेगी। केंद्र सरकार से पास हुए राज्य के चार माह के बजट को इस मुख्य बजट से अलग कर अवशेष बजट विधानसभा से फिर पारित कराया जाएगा। वित्त मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि उत्तराखंड के प्रति केंद्र सरकार के रवैये को देखते हुए बजट मंजूर नहीं हो पा रहा है। जबकि सरकार के बहाल होने पर राज्य का बजट भी पास कर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि पहले पारित कराए गए 40 हजार करोड़ रुपये में से चार महीने के बजट को छोड़कर शेष को अब मंजूरी के लिए विधानसभा में रखा जाएगा। इसमें सभी पुरानी मांगें ही शामिल हैं। (पढ़ें-4-5 जुलाई को उत्तराखंड विस का विशेष सत्र, फिर से पेश होगा बजट)

गौरतलब है कि 18 मार्च को विधानसभा में विनियोग बिल पेश करने के दौरान कांग्रेस के नौ विधायकों ने बगावत कर दी थी, जिसके चलते विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ था। ऐसे में रावत सरकार ने विनियोग विधेयक को पारित बताकर इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेज दिया था। लेकिन राज्य में राजनीतिक अस्थिरता के चलते 54 दिन के राष्ट्रपति शासन में राज्यपाल ने इस बिल को मंजूरी नहीं दी।

इस बीच केंद्रीय कैबिनेट ने राज्य का शासन चलाने के लिए चार महीने के लिए 13,600 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी थे। इसमें वेतन, भत्ते व कुछ जरूरी खर्च ही शामिल थे। जिसके बाद से ही हरीश रावत सरकार केंद्र से बजट को बहाल करने की मांग कर रही है और इसी के चलते हरीश रावत कैबिनेट ने बजट को दोबारा से विधानसभा में रखने का फैसला लिया था। हालांकि ये भी कहा था कि वे एक बार फिर से केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगे कि राज्य के बजट को बहाल कर दिया जाए।