विश्व की सबसे छोटी ‘लाॅकिट साइज कुरआन’ देखनी है तो आईए देहरादून

edited_1466262340413उत्तराखण्ड के राज्यपाल डा0 कृष्ण कांत पाल ने देहरादून में   ‘तस्मिया आॅल इंडिया एजूकेशन एण्ड सोशियल वेलफेयर सोसाइटी’ द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रदर्शनी- ‘पवित्र कुरआन’ लेखकला के दर्पण में(Holy Quran In The Mirror of Calligraphic Art) का उद्घाटन किया।
edited_1466262371023इस प्रदर्शनी में खजूर के पत्तों, चमड़े और पत्थर की तख्तियों पर लिखी कुरान की आयतों की तहरीर, भारत में सबसे पहले 26 जनवरी, 1907 में छपा ‘सतरंगा कुरान’, विश्व के सबसे छोटी लाॅकिट साइज कुरआन से लेकर मुगल शासक ओरंगजेब द्वारा अपनी हस्तलिपि में लिखी कुरआन की आयतों सहित 750 वर्ष प्राचीन विभिन्न स्वरूपों में कुरआन के लेख कला का प्रदर्शन किया गया है।
edited_1466262360443रमजान के पाक महीने में ‘कुरआन’ की इस प्रदर्शनी को ‘नेशनल ट्रेजर’(राष्ट्रीय खजाना) नायाब बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि कुरआन की लिखाई का एक बेमिसाल जखीरा है। कुरआन की लिखाई एक फाइन आर्ट के रूप में पूरी दुनिया में विख्यात है ऐसी लिखाई दुनिया की किसी और भाषा में नहीं है। राज्यपाल ने कुरान के इस बेहतरीन संग्रह  के लिए तस्मिया सोसाईटी के चेयरमैन डा0 एस.फारूख को बधाई देते हुए कहा कि उनके इस अनमोल खजाने में बराबर का इजाफा हो और अपनी प्राचीन तहजीब/सभ्यता, संस्कृति को सदियों तक जीवित रखने की इस कला के लिए  पीढियां उनकी शुक्रगुजार हों और उनसे नसीहत लें।
राज्यपाल ने प्रदर्शनी से प्रसन्न होकर कहा कि देश के बड़े-बड़े संग्राहलयों में भी इतनी चीजें नहीं हैं जितनी यहाँ देखने को मिली हैं।
उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों और रोजेदारों को माहे-रमजान की मुबारकबाद देते हुए समाज में भाई-चारे और अमन-चैन के लिए दुआ की।
तस्मिया सोसाईटी के चेयरमैन डा0 एस.फारूख ने राज्यपाल को पूरी प्रदर्शनी का अवलोकन कराते हुए उन्हें विस्तृत जानकारी भी दी। कार्यक्रम में यू-कोस्ट के डी.जी डा0 राजेन्द्र डोभाल तथा प्रसिद्ध शिक्षाविद् डा0 वी.के.जोशी सहित अनेक गणमान्य लोग भी मौजूद थे।