जानें- प्रदेश की नदियों के जलस्तर और बंद पड़ी सड़कों की स्थिति

हरिद्वार जिले में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.3 मीटर नीचे बह रहा है। प्रदेश में सभी बड़ी नदियों का जल स्तर सामान्य बना हुआ है। कर्णप्रयाग में पिण्डर नदी चेतावनी स्तर से 3 मीटर नीचे व खतरे से निशान के 4 मीटर नीचे बह रही है। श्रीनगर में अलकनंदा नदी चेतावनी
 

हरिद्वार जिले में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.3 मीटर नीचे बह रहा है। प्रदेश में सभी बड़ी नदियों का जल स्तर सामान्य बना हुआ है। कर्णप्रयाग में पिण्डर नदी चेतावनी स्तर से 3 मीटर नीचे व खतरे से निशान के 4 मीटर नीचे बह रही है। श्रीनगर में अलकनंदा नदी चेतावनी स्तर से 1 मीटर नीचे व खतरे के निशान से 2 मीटर नीचे बह रही है। भागीरथी नदी उत्तरकाशी में चेतावनी स्तर से 2 मीटर तथा खतरे के निशान से 3 मीटर नीचे बह रही है। अधिकांश स्थानों पर जल स्तर में कमी आ रही है या वह स्थिर बना हुआ है।

ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच -108) सुनगर तथा गंगनानी में छोटे वाहनों के लिए खुला है। तथा ऋषिकेश यमुनोत्री राष्ट्रीय राज मार्ग (एनएच-94) जानकी चटटी तक यातायात हेतु छोटे-बडे वाहनों के लिए खुला है। ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-109) सोनप्रयाग-गौरीकुण्ड, मुनकटिया एवं बड़ी पार्किंग के पास यातायात हेतु अवरूद्ध है। जिसके खोलने की कार्यवाही गतिमान है। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग(एन.एच-58) लामबगड़ में मलबा आने से अवरूद्ध है।

राज्य आपदा प्रबंधन केन्द्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार अतिवृष्टि से माह जुलाई, 2016 में बाधित 180 प्रभावित सडकों में से 57 सड़के ठीक कर दी गई है, तथा 292 सड़को में कार्य गतिमान है। ज्यादातर सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों की है। 23 जुलाई, 2016 को 254 प्रभावित गांवों में विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। माह जुलाई में प्रभावित पेयजल योजना में 2 गांवों में पेयजल आपूर्ति अवशेष है।

01 जून, 2016 से वर्तमान तक लोक निर्माण विभाग के अधीन पी0एम0जी0एस0वाई0 सहित कुल 1555 मार्ग बाधित थे, जिनमें से 1263 मार्ग खोल दिये गये है तथा 292 सड़कों को खोलने का कार्य प्रगति पर है।

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