देखें वीडियो – जब मौत बनकर दौड़ते रहे मालगाड़ी के आठ डिब्बे

खटीमा (ऊधमसिंहनगर) [उत्तराखंड पोस्ट ब्यूरो] पत्थर लदी मालगाड़ी की आठ बोगियां टनकपुर से बगैर इंजन के करीब आधे घंटे तक रेलवे ट्रैक पर 25 किलोमीटर तक यमदूत बनकर दौड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 80 से 100 किमी रफ्तार में भाग रहीं बोगियों की चपेट में आकर आधा दर्जन मवेशियों की मौत हो गई। एक ट्रैक्टर भी चपेट में आया, जो बोगियों के सहारे सात किमी तक घिसटता रहा। उसके परखच्चे उड़ गए। (उत्तराखंड पोस्ट के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं, आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

खटीमा रेलवे स्टेशन से करीब सौ मीटर आगे जाकर मालगाड़ी रेल पटरियों के किनारे खड़ी ट्रॉली से जा टकराई। धमाके के बाद पहली बोगी के दोनों पहिये टैक से उतर गए और बोगियां वहीं रुक गईं। इससे बड़ा खतरा टल गया। घटना से रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी गेट बंद करा दिए गए। रेलवे के उच्चाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच के आदेश दिए हैं। मामले में सीनियर सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ निर्माण) एबी सिंह को निलंबित कर दिया गया है।

 

मंगलवार को टनकपुर स्टेशन के पास मालगाड़ी की आठ बोगियों में पत्थर भरे जा चुके थे। इसी दौरान सुबह करीब 10.45 बजे बोगियों को जेसीबी मशीन की मदद से शंटिंग (आगे-पीछे) करने का काम किया जा रहा था। तभी ट्रैक पर ढलान होने की वजह से आठ बोगियां आगे बढ़ गईं। देखते ही देखते बोगियों की रफ्तार बढ़ गई। टनकपुर स्टेशन अधीक्षक केडी कापड़ी ने तत्काल इसकी सूचना बनबसा, चकरपुर व खटीमा स्टेशनों के साथ ही निर्माण इकाई के अधिकारियों को दी। इस पर निर्माण में लगे सैंकड़ों कर्मचारी ट्रैक से हट गए। जगह-जगह रेलवे क्रॉसिंग बंद कर दी गई। यमदूत बनकर दौड़ रही बोगियों ने चकरपुर के पास टैक के निर्माण में लगे एक ट्रैक्टर को चपेट में ले लिया।

इसी के चलते चालक ने कूदकर जान बचाई। सूचना पर रेलवे के इज्जतनगर के सहायक मंडल प्रबंधक एके अग्रवाल, सीनियर डीएसओ सीएल शाह व डिप्टी चीफ इंजीनियर कंस्ट्रंक्शन समेत रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।