उत्तराखंड में विकराल रूप ले चुकी है जंगलों में लगी आग, यहां 5 मकान भी आए चपेट में

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उत्तराखंड में विकराल रूप ले चुकी है जंगलों में लगी आग, यहां 5 मकान भी आए चपेट में

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उत्तराखंड में गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। गर्मी के चलते उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग भी तबाही मचा रही है। जंगलों में लगी आग अब विकराल रूप लेकर रिहाइशी इलाकों तक पहुंच गई है। बुधवार को बीते 24 घंटे में 78 स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं रिपोर्ट की गई। 




देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट)
उत्तराखंड में गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। गर्मी के चलते उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग भी तबाही मचा रही है। जंगलों में लगी आग अब विकराल रूप लेकर रिहाइशी इलाकों तक पहुंच गई है। बुधवार को बीते 24 घंटे में 78 स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं रिपोर्ट की गई।

अब जानकारी मिली है कि बागेश्वर में पांच मकान और दो गोदाम आग की भेंट चढ़ गए। गनीमत रही कि मकानों में कोई नहीं रहता था। बागेश्वर में जंगल की आग की चपेट में आने से कपकोट ब्लॉक के नामतीचेटाबगड़ में पांच मकान जल गए। मकानों में रखा सारा सामान राख हो गया है।

यह मकान बरसात में रहने के लिए बनाए गए थे। इसलिए वर्तमान में इनमें कोई नहीं रह रहा था। वहीं झिरौली, नैणी के जंगलों में लगी आग मैग्नेसाइट के गोदाम तक पहुंच गई। आग की चपेट में आने से दो गोदाम जलकर राख हो गए।

दूसरी ओर अल्मोड़ा में जागेश्वर, लमगड़ा और जौरासी वन क्षेत्र में वनाग्नि की घटनाएं हुईं। फायर सीजन में कई हेक्टेयर वन क्षेत्र जलने के साथ ही लाखों का नुकसान हुआ है। इसके अलावा नैनीताल से पिथौरागढ़ तक भी जंगल धधकते रहे।

पिथौरागढ़ जिले के बेड़ीनाग क्षेत्र में शाह गराऊं, पोस्ताला, हजेती, जाख, बरसायत, उडियारी में बीते दो दिन से जंगल जल रहे हैं। बेड़ीनाग के आसपास के क्षेत्र में आग पर काफी हद तक काबू पा लिया है। नैनीताल जिले में खैरना-रानीखेत मोटर मार्ग किनारे स्थित चौबटिया रेंज की वन पंचायत बजोल में बुधवार सुबह आग लग गई। दोपहर बाद आग पर काबू पा लिया गया।

ऊधमसिंह नगर के जसपुर में अज्ञात कारणों के चलते एक किसान के 12 एकड़ गेहूं के कटे हुए खेत में आग लग गई। इससे वहा रखा भूसे जलकर राख हो गया। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों में लगने वाली आग की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधक कार्यालय की की ओर से बुधवार शाम चार बजे तक जारी बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश में वनाग्नि की 28 घटनाएं गढ़वाल और 46 घटनाएं कुमाऊं क्षेत्र में दर्ज की गईं। आग पर काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से जंगल को आग से बचाने के लिए वन विभाग का सहयोग करने की अपील की है।

मुख्य वन संरक्षक, वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन निशांत वर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 799 वनाग्नि की घटनाएं रिपोर्ट की जा चुकी हैं। जंगल में आग की इन घटनाओं से कुल 1133 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। जबकि अब तक 31 लाख रुपये से अधिक के आर्थिक नुकसान का जायजा लिया गया है।