उत्तराखंड में इको-टूरिज्म को बढ़ावा: मुख्य सचिव ने दिए ट्रैकिंग पॉलिसी जल्द लागू करने और बुकिंग ऑनलाइन करने के निर्देश
मशहूर जबरखेत नेचर रिजर्व की तर्ज पर विकसित की जा रही 9 इको-टूरिज्म साइट्स को अक्टूबर माह तक जनता के लिए लोकार्पित (लॉन्च) करने का समय तय किया गया है।
देहरादून (Uttarakhand Post) देहरादून में मुख्य सचिवआनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में उत्तराखंड में इको-टूरिज्म गतिविधियों को रफ्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड में इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और इसे प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना स्थानीय नागरिकों की आजीविका व प्रदेश की आर्थिकी से जोड़ा जाना जरूरी है।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय और दिशा-निर्देश निम्नलिखित हैं:
1. अगस्त तक कैबिनेट में आएगी नई ट्रैकिंग पॉलिसी
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मुख्य सचिव ने वन विभाग को अगस्त माह तक ट्रैकिंग पॉलिसी तैयार कर कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत करने का लक्ष्य दिया है।
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प्रदेश में ट्रैकिंग के लिए नई चोटियों को खोलने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को चिन्हित चोटियों का ऑडिट कार्य तेज कर रिपोर्ट जल्द सौंपने को कहा गया है।
2. पर्यटन स्थलों और फॉरेस्ट रेस्ट हाउस की बुकिंग होगी ऑनलाइन
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क्षमता से अधिक बुकिंग (ओवरबुकिंग) को रोकने के लिए फॉरेस्ट के अंतर्गत आने वाली सभी माउंटेनियरिंग, ट्रैकिंग, टूरिस्ट साइट्स और वन विश्राम गृहों (FRH) की बुकिंग को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन मोड पर करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. 'जबरखेत मॉडल' पर विकसित होंगी 9 साइट्स
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मशहूर जबरखेत नेचर रिजर्व की तर्ज पर विकसित की जा रही 9 इको-टूरिज्म साइट्स को अक्टूबर माह तक जनता के लिए लोकार्पित (लॉन्च) करने का समय तय किया गया है।
4. नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर और सर्टिफिकेशन कोर्स
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स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रदेश में स्थायी नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर और पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।
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भारत सरकार के पाठ्यक्रम में कुछ अतिरिक्त कोर्स जोड़कर एक सर्टिफिकेशन कोर्स तैयार किया जाएगा, जिसे अक्टूबर में वाइल्ड लाइफ वीक (वन्यजीव सप्ताह) के अवसर पर शुरू करने का लक्ष्य है।
5. वन निगम को मजबूत करने की योजना
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वन विश्राम गृह, ट्रैकिंग के लिए चिन्हित 31 साइट्स, इको कैंप और इको हब के बेहतर संचालन के लिए वन विभाग या वन निगम में से किसी एक एजेंसी का चयन कर एक महीने में कार्ययोजना मांगी गई है। वन निगम को मजबूत करने के लिए शासन को जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मौजूद प्रमुख अधिकारी: इस बैठक में वन प्रमुख (हॉफ) श्री कपिल लाल, वन सचिव श्री सी. रविशंकर, श्री धीराज गर्ब्याल, पीसीसीएफ श्रीमती नीना ग्रेवाल, सीसीएफ (इको-टूरिज्म) श्री पी.के. पात्रो और अपर सचिव श्री हिमांशु खुराना सहित वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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