मुफ्त बिजली पर बदले सुर, ऊर्जा मंत्री बोले- मैंने घोषणा नहीं की थी, विभाग को प्रस्ताव बनाने को कहा था

उत्तराखंड में सभी घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा करने वाले ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत के सुर अब बदल गए हैं।
 
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देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में सभी घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा करने वाले ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत के सुर अब बदल गए हैं। अब हरक सिंह रावत का कहना है कि उन्होंने कोई घोषणा नहीं की थी, केवल विभाग को प्रस्ताव बनाने को कहा था। विभाग प्रस्ताव बना रहा है, इस पर फैसला कैबिनेट को करना है।

आपको बदा दें कि पिछले दिनों ऊर्जा मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह प्रदेश में करीब 13 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए हर महीने फ्री बिजली की योजना लेकर आ रहे हैं। इसके तहत हर महीने 100 यूनिट बिजली बिल वालों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा, जबकि 100 से 200 यूनिट बिजली वालों को 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी।

वहीं अगले दिन जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मीडियाकर्मियों ने इस पर सवाल किया तो उन्होंने ऐसे किसी भी प्रस्ताव से इनकार कर दिया था।

अमर उजाला डॉट कॉम ने अब हरक सिंह रावत के हवाले से लिखा कि हरक सिंह रावत का कहना है कि उन्होंने कोई घोषणा नहीं की थी। उन्होंने केवल विभाग को प्रस्ताव बनाने को कहा था। प्रस्ताव बनाना विभागों की जिम्मेदारी है और इस पर कोई भी फैसला लेना कैबिनेट का सर्वाधिकार है। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार हो रहा है, जो वित्त विभाग को जाएगा। वहां से आगे बढ़ते हुए ही कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद कैबिनेट जो भी फैसला लेगी, उसी पर अमल किया जाएगा।

आपको बता दें कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार यह कह रहे हैं कि सस्ती और गुणवत्तायुक्त 24 घंटे बिजली देना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अभी तक कहीं भी फ्री बिजली की कोई बात नहीं की है।

ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में भविष्य की रणनीति भी सामने रख दी। उन्होंने कहा कि अगर 2022 में दोबारा भाजपा सरकार सत्ता में आती है, उन्हें ऊर्जा विभाग मिलता है तो वह अगले तीन-चार सालों में घरेलू बिजली पूरी तरह से फ्री कर देंगे। वह ऊर्जा विभाग का लाभांश इतना बढ़ा देंगे कि आसानी से लोगों को फ्री बिजली मिलने लगेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल का प्रदेश में कोई जनाधार नहीं है, वह झूठ की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने हरीश रावत पर भी निशाना साधा और कहा कि वे प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब अपने कार्यकाल में इस योजना को क्यों लागू नहीं किया।

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