अंकिता के परिवार के साथ खड़ी हुईं डिंपल यादव, BJP को घेरा

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अंकिता के परिवार के साथ खड़ी हुईं डिंपल यादव, BJP को घेरा

अंकिता के परिवार के साथ डिंपल यादव


देहरादून(उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मामले में कथित वीआईपी को राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध के बीच समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अंकिता के माता-पिता सोनी देवी और वीरेंद्र सिंह भंडारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार की पीड़ा पर संवेदना जताते हुए अंकिता को न्याय दिलाने की मांग की और बीजेपी पर निशाना साधा।
 

डिंपल यादव ने अंकिता के माता-पिता के संघर्ष को किया सलाम

मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। उन्होंने अपने संदेश में अंकिता के माता-पिता के संघर्ष और न्याय की लड़ाई लड़ने के उनके संकल्प का जिक्र किया।

डिंपल यादव ने लिखा कि जब अंकिता ने हार नहीं मानी, तो उसके माता-पिता हार कैसे मान सकते हैं? उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता के शब्द उन परिवारों के दर्द को बयां करते हैं, जो अपने बच्चों, खासकर बेटियों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों से आहत हैं।

उन्होंने अंकिता के माता-पिता के साहस की सराहना करते हुए कहा कि वह व्यवस्था के खिलाफ निडर होकर न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। डिंपल के मुताबिक, आज देश के लोगों को अंकिता के परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए।



 

बीजेपी पर साधा निशाना, कहा- अंकिता को न्याय मिलना चाहिए

डिंपल यादव ने अपने बयान में बीजेपी पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता की हत्या के मामले में न्याय की मांग के बावजूद बीजेपी का रवैया निराशाजनक रहा है। उन्होंने कहा कि एक 19 वर्षीय युवती ने अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार किया और उसकी जान चली गई।

डिंपल यादव ने बीजेपी पर आरोपियों को संरक्षण और पुरस्कार देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से बीजेपी की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। अपने संदेश के अंत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि अंकिता को न्याय मिलना चाहिए।

उन्होंने अंकिता के माता-पिता को भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ खड़ी हैं और न्याय की लड़ाई में उनका समर्थन करती रहेंगी।
 

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के श्रीकोट डोभ गांव की रहने वाली थीं। वह 19 वर्ष की उम्र में यमकेश्वर ब्लॉक के गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। इस रिजॉर्ट का संचालन तत्कालीन बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य द्वारा किया जाता था।

18 सितंबर 2022 को अंकिता अचानक लापता हो गईं। इसके बाद उनके परिजनों को इसकी सूचना दी गई और मामले की शिकायत दर्ज कराई गई। शुरुआती जांच के बाद मामला नियमित पुलिस को सौंप दिया गया। जांच के दौरान रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, उसके सहयोगी अंकित गुप्ता और मैनेजर सौरभ भास्कर पर संदेह गहराया।

पुलिस जांच के अनुसार, 18 सितंबर 2022 की रात अंकिता को चीला बैराज क्षेत्र की नहर में धक्का दिया गया था। 24 सितंबर 2022 को उनका शव नहर से बरामद हुआ। घटना सामने आने के बाद पूरे उत्तराखंड में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग उठी।

तीनों दोषियों को उम्रकैद, CBI जांच की भी चर्चा

मामले की सुनवाई के बाद 30 मई 2025 को अदालत ने पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर भी लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। इसी मुद्दे पर राजनीतिक विवाद और विरोध प्रदर्शन जारी हैं। अब सांसद डिंपल यादव की अंकिता के माता-पिता से मुलाकात के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।

नोट: CBI जांच से संबंधित नवीनतम स्थिति और 9 जुलाई 2026 को जांच की संस्तुति दिए जाने की जानकारी प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक स्रोत से इसकी पुष्टि कर लें।

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