उत्तराखंड- यहां हाथी ने ग्रामीण को पटककर मार डाला, दहशत में लोग

  1. Home
  2. Dehradun

उत्तराखंड- यहां हाथी ने ग्रामीण को पटककर मार डाला, दहशत में लोग

elephant


 देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) डोईवाला क्षेत्र के कांसरो वन रेंज अंतर्गत झबरावाला गांव में हाथी के हमले से 55 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई।

 

 

शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे हुई इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। वहीं, ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।

खेतों के पास अचानक सामने आया हाथी

जानकारी के मुताबिक, 55 वर्षीय जमील पुत्र असगर अली अपने साथी नफीस के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। दोनों जब गांव के खेतों के पास हाथीकुंड क्षेत्र में पहुंचे, तभी अचानक एक हाथी उनके सामने आ गया।हाथी को सामने देखकर दोनों घबराकर भागने लगे। इसी दौरान हाथी ने जमील को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि हाथी ने जमील को उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्कूटी चला रहे नफीस ने शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को मदद के लिए बुलाया। ग्रामीणों की मदद से घायल जमील को तत्काल हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कांसरो वन रेंज के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।

हाथियों की बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों में डर

ग्रामीणों का कहना है कि झबरावाला और आसपास के इलाकों में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। हाथी सुरक्षा दीवार को कूदकर या तोड़कर खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों के आबादी क्षेत्र में आने से हर समय जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी इंतजाम करने की मांग की है।

खेती और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे जमील

ग्राम प्रधान परमिंदर सिंह ने बताया कि जमील करीब 55 वर्ष के थे। वह खेती-किसानी के साथ मजदूरी का काम भी करते थे और अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। जमील की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। वहीं, गांव में शोक के साथ ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी भी है।

मुआवजे और सुरक्षा इंतजाम की मांग

ग्राम प्रधान परमिंदर सिंह ने वन विभाग से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने आबादी क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।परिजनों की ओर से शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि हाथियों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

uttarakhand postपर हमसे जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक  करे , साथ ही और भी Hindi News (हिंदी समाचार ) के अपडेट के लिए हमे गूगल न्यूज़  google newsपर फॉलो करे