मोदी के केदारनाथ दौरे पर हरीश रावत से हो गई बड़ी गलती, बोले- केदार बाबा क्षमा करें

पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने जमकर निशाना साधा। हरीश रावत ने कहा कि पीएम मोदी उत्तराखंड की परंपराओं को रौंदकर चले गए।  हरदा ने कहा देश के आदरणीय प्रधानमंत्री जी के केदारनाथ आगमन का मैंने स्वागत किया था। मगर अब मैं निराश हूंँ, क्योंकि उन्होंने उत्तराखंड व आपदा पीड़ित उत्तराखंड के लिए और केदार क्षेत्र के भविष्य की योजनाओं के विषय में कोई स्वीकृतियां नहीं दी, कोई धन देने की घोषणा नहीं की।
 
Harda

 

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) शुक्रवार को केदारनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदि शंकराचार्य की मूर्ति का अनावरण किया। मोदी ने केदारनाथ मंदिर में पूजा भी की। पीएम मोदी ने श्री केदारनाथ धाम में यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।

पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने जमकर निशाना साधा। हरीश रावत ने कहा कि पीएम मोदी उत्तराखंड की परंपराओं को रौंदकर चले गए।  हरदा ने कहा देश के आदरणीय प्रधानमंत्री जी के केदारनाथ आगमन का मैंने स्वागत किया था। मगर अब मैं निराश हूंँ, क्योंकि उन्होंने उत्तराखंड व आपदा पीड़ित उत्तराखंड के लिए और केदार क्षेत्र के भविष्य की योजनाओं के विषय में कोई स्वीकृतियां नहीं दी, कोई धन देने की घोषणा नहीं की।

उल्टा हमारी परंपराओं व मान्यताओं को रौंदकर के चले गये, बड़े-बड़े नेता आए, महामहिम राष्ट्रपति जी भी आये,  इंदिरा गांधी जी भी आयी, राहुल जी पैदल चलकर के आये, मुख्यमंत्री तो आते रहे हैं, मैं मुख्यमंत्री के तौर पर कई बार केदारनाथ गया, हर बार गर्भगृह में भगवान #केदारनाथ जी के सामने ध्यानस्थ भी रहा, लेकिन हमको उस क्षण की फोटो खींचने और LIVE प्रसारित करने की हिम्मत नहीं आयी।

रावल जी और केदारनाथ मंदिर समिति ने जो लक्ष्मण रेखा खींची थी, हमने हमेशा उसका आदर किया, सबने उसका आदर किया। लेकिन इस बार गर्भगृह से प्रधानमंत्री जी ने अपने को LIVE प्रसारित करवाया, फेसबुक लाइव व आज तक और दूसरे चैनलों में यह सब कुछ टेलीकास्ट हुआ। मंदिर के प्रांगण से राजनैतिक उद्देश्य को लेकर भाषण किया गया और उसको सरकारी संचार माध्यमों से प्रसारित किया गया।

अब मैं अपने उन साथियों की सलाह के लिए उनको धन्यवाद देता हूंँ जिन्होंने मुझसे कहा कि आप उनके आगमन का स्वागत कर गलत कर रहे हो, वास्तव में गलती हो गई। गर्भगृह की मर्यादा भी टूटी, देवस्थान में राजनीति न हो उसकी भी मर्यादा टूट गई। मगर शिकायत करें तो किससे करें? उलटा उत्तराखंड को कुछ हासिल नहीं हुआ, न आपदा को लेकर उत्तराखंड को कोई सहायता दी गई और न केदारनाथ में रोपवे सहित किसी भी प्रकार की कोई निर्माण कार्य की स्वीकृती प्रदान की गयी, केदार बाबा क्षमा करें।

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