उत्तराखंड में मानसून का कहर: 34 ग्रामीण सड़कें बंद, चमोली सबसे ज्यादा प्रभावित, बद्रीनाथ हाईवे 11 घंटे से अधिक रहा ठप
बारिश और भूस्खलन ने उत्तराखंड में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है,प्रदेश में 34 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं, जिनमें सबसे अधिक 10 सड़कें चमोली जिले में प्रभावित हैं, बद्रीनाथ हाईवे भी गुरुवार को करीब साढ़े 11 घंटे तक बाधित रहा।
देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट): उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होते ही लगातार हो रही बारिश का असर अब जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और मलबा आने से 34 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हो गए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित चमोली जिला है, जहां 10 सड़कें अभी भी बंद हैं। प्रशासन बंद मार्गों को खोलने के लिए राहत एवं मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है।
बारिश के कारण गुरुवार को बद्रीनाथ हाईवे करीब 11 घंटे 30 मिनट तक बाधित रहा। हाईवे बंद होने से यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया।
इन जिलों में सबसे ज्यादा असर
राज्य में बंद सड़कों में चमोली के बाद पिथौरागढ़ सबसे अधिक प्रभावित है, जहां आठ मार्ग बंद हैं। इसके अलावा देहरादून में छह, टिहरी में चार, रुद्रप्रयाग में तीन, पौड़ी में दो और बागेश्वर में एक ग्रामीण मार्ग पर आवागमन ठप है।
कई गांवों में बाधित हुई बिजली
चमोली जिले के नारायणबगड़ विद्युत खंड के अंतर्गत आने वाले 20 गांवों और देवाल विद्युत खंड के पांच गांवों में बारिश के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। विभाग की टीमों ने मरम्मत कार्य के बाद अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी है।
नारायणबगड़ में देर रात तेज बारिश से जलभराव
शुक्रवार देर रात नारायणबगड़ में करीब साढ़े तीन घंटे तक हुई तेज बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। बाजार क्षेत्र में जलभराव हो गया, जबकि इंटर कॉलेज का मैदान पूरी तरह पानी से भर गया। हालांकि बारिश थमने के बाद हालात सामान्य होने लगे।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।
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