बैंकों की मनमानी पर रोक! उत्तराखंड में अब आसान होगी लोन प्रक्रिया, धामी सरकार का बड़ा फैसला

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बैंकों की मनमानी पर रोक! उत्तराखंड में अब आसान होगी लोन प्रक्रिया, धामी सरकार का बड़ा फैसला

Pushkar Dhami

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी आवेदन में कोई कमी हो, तो उसे सीधे खारिज न किया जाए। बैंक कर्मचारी संबंधित व्यक्ति की कमियों को दूर कराने में उसकी मदद करें।


देहरादून (Uttarakhand Post) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए बैंकिंग क्षेत्र को एक बड़ा निर्देश दिया है।

गुरुवार को सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की 97वीं बैठक में मुख्यमंत्री ने बैंकों को स्पष्ट हिदायत दी कि वे सरकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण की प्रक्रिया को आसान बनाएं और तकनीकी कमियों के आधार पर आवेदनों को सीधे निरस्त करने के बजाय आवेदकों का मार्गदर्शन करें।

मुख्य निर्णय और मुख्यमंत्री के निर्देश

  • तकनीकी आधार पर न हों आवेदन निरस्त: मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी आवेदन में कोई कमी हो, तो उसे सीधे खारिज न किया जाए। बैंक कर्मचारी संबंधित व्यक्ति की कमियों को दूर कराने में उसकी मदद करें।

  • 6 जिलों में विशेष अभियान: बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी जनपदों में कम ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने इन जिलों में नियमित रूप से विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं।

  • लक्ष्य आधारित कार्य: जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभाग मिलकर पात्र लोगों की पहचान करेंगे। राज्य के ऋण-जमा अनुपात को आगामी राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

  • डिजिटल बैंकिंग का विस्तार: डिजिटल बैंकिंग और डिजिटल भुगतान को गांव-गांव तक पहुंचाने और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

आर्थिक प्रगति के सकारात्मक संकेत

मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य की वित्तीय प्रगति के आंकड़े भी साझा किए, जो उत्तराखंड की मजबूत होती अर्थव्यवस्था को दर्शाते हैं:

क्षेत्र/योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 में उपलब्धि
वार्षिक ऋण योजना लगभग 96%
MSME क्षेत्र 111%

मुख्यमंत्री का वक्तव्य: "विकसित उत्तराखण्ड के निर्माण में बैंकिंग क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार और बैंक मिलकर कार्य करेंगे तो रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी।"

इन प्रमुख योजनाओं के तहत ऋण देने पर रहेगा फोकस

बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वरोजगार, कृषि और स्थानीय उत्पादों से जुड़ी निम्नलिखित योजनाओं में पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने को कहा:

  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0

  • वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना एवं होम-स्टे योजना

  • प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)

  • कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और पर्यटन पर आधारित उद्यम

साइबर सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव का बड़ा फैसला- बैठक के दौरान मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार का सुझाव दिया।

  • हेल्पलाइन 1930 से जुड़ेंगे बैंक: साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई (Immediate Action) के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के साथ देश के प्रमुख बैंकों (SBI, PNB, ICICI और HDFC) के प्रतिनिधियों को भी सीधे जोड़ा जाएगा।

  • नियमित सब-कमेटी बैठकें: एसएलबीसी की मुख्य बैठक से पहले उप-समिति (सब-कमेटी) की नियमित बैठकें होंगी ताकि समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी- इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक अरविन्द कुमार, नाबार्ड के महाप्रबंधक पंकज यादव और एसबीआई समेत विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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