उत्तराखंड | 20 साल और 9 मुख्यमंत्री, ये सभी मुख्यमंत्री भी नही पूरा कर पाए 5 साल का कार्यकाल

6 महीने में उत्तराखंड में दो बार मुख्यमंत्री के चेहरे बदले गए है। उत्तराखंड के 20 साल के इतिहास पर अगर नजर डाले तो अभी तक सिर्फ एनडी तिवारी ने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया है। उन्हें छोड़कर कोई भी CM अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नही कर पाया।
 
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देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने पद से इस्तीफा दे दिया है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली से लौट पर सचिवालय में प्रेस कांफ्रेंस की और सरकार के काम गिनाए। इसके बाद देर रात राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा। वे सिर्फ 115 दिन ही मुख्यमंत्री रह पाए।

6 महीने में उत्तराखंड में दो बार मुख्यमंत्री के चेहरे बदले गए है। उत्तराखंड के 20 साल के इतिहास पर अगर नजर डाले तो अभी तक सिर्फ एनडी तिवारी ने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया है। उन्हें छोड़कर कोई भी CM अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नही कर पाया।

नीचे देखें उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों की लिस्ट-

  1. नित्यानंद स्वामी-  सबसे पहले 09 नवंबर 2000 को नित्यानंद स्वामी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। नित्यानंद स्वामी ने अपना कार्यकाल 29 नवंबर 2001 तक ही पूरा किया।
  2. भगत सिंह कोश्यारी - 30 अक्तूबर 2001 को भगत सिंह कोश्यारी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया।  वे 01 मार्च 2002 तक सीएम रहे। 
  3. एनडी तिवारी - उसके बाद स्व. नारायण दत्त तिवारी दो मार्च 2002 से सात मार्च 2007 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। एनडी तिवारी उत्तराखंड के ऐसे पहले सीएम रहे जिन्होंने 5 साल का कार्यकाल पूरा किया।
  4. भूवन चंद्र खंडूरी - 08 मार्च 2007 को उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की ओर से भुवन चंद्र खंडूरी को मुख्यमंत्री बनाया गया। 
  5. रमेश पोखरियाल-  उसके बाद 24 जून 2009 को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व ने खंडूरी की जगह पर रमेश पोखरियाल को मुख्यमंत्री बनाया। वे 10 सितंबर 2011 तक सीएम रहे। इसके बाद 11 सितंबर 2011 को उनकी जगह पर वापस भुवन चंद्र खंडूरी को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बना दिया गया। खंडूरी का यह कार्यकाल महज छह महीने का ही रहा।
  6. विजय बहुगुणा -  इसके बाद 13 मार्च 2012 में कांग्रेस ने कद्दावर नेता विजय बहुगुणा को उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया। वे 31 जनवरी 2014 तक सीएम रहे। 
  7. हरीश रावत - 1 फरवरी 2014 को कांग्रेस नेता हरीश रावत को उत्तराखंड की कमान सौंपी गई। दो साल दो महीने तक मुख्यमंत्री बने रहने के बाद उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। 25 दिन के राष्ट्रपति शासन के बाद 21 अप्रैल 2016 को एक बार फिर हरीश रावत महज एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बने। उसके बाद 19 दिन का राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। तमाम राजनीतिक उठापटक के बाद हरीश रावत 11 मई 2016 से 18 मार्च 2017 तक फिर मुख्यमंत्री बने।
  8. त्रिवेंद्र सिंह रावत- हरीश रावत के बाद 18 मार्च 2017 को त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री बने। जिन्होंने गैरसैंण को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी और तीसरे मंडल के रूप में नई पहचान दी। 09 मार्च 2021 को उन्होंने इस्तीफा दे दिया और 10 मार्च 2021 को सांसद तीरथ सिंह रावत को उत्तराखंड का नया मुखिया बनाया गया था। 
  9. तीरथ सिंह रावत - 10 मार्च 2021 को तीरथ सिंह रावत ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। वर्तमान में वह पौड़ी से लोकसभा सांसद है। ऐसे में 10 सितंबर से पहले उन्हें किसी सदन का सदस्य होना जरूरी थी। संवैधानिक संकट की वजह से उन्होंने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। तीरथ ने संवैधानिक संकट और अनुच्छेद 164 का हवाला देते हुए इस्तीफे की बात कही है।

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