उत्तराखंड | मैदानी जिलों से ज्यादा पहाड़ों में बढ़ रहा है कोरोना का खतरा, इन आंकड़ों में जानिए

उत्तराखंड में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। प्रदेश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में एक बार फिर कोरोना का बहुत बड़ा विस्फोट हुआ है।

 
उत्तराखंड | मैदानी जिलों से ज्यादा पहाड़ों में बढ़ रहा है कोरोना का खतरा, इन आंकड़ों में जानिए

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। प्रदेश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में एक बार फिर कोरोना का बहुत बड़ा विस्फोट हुआ है।

सोमवार को प्रदेश भर में कोरोना के 3719 मामले सामने आए। इसी के साथ प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 291005 पहुंच गई है। वहीं 136 संक्रमित मरीजों की 24 घंटे में कोरोना से मौत हुई। 

इस बीच चिंता करने वाली ये बात सामने आयी है कि मैदानों से ज्यादा कोरोना का खतरा पहाड़ो में बढ़ रहा है। बीते दिनों पौड़ी जिले में संक्रमण की दर सबसे अधिक 34.9 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं, चार पर्वतीय जिलों में संक्रमण दर 20 प्रतिशत से ज्यादा है। मैदानी जिले देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर की संक्रमण दर 20 प्रतिशत से कम हो गई है। 

प्रदेश के चार मैदानी जिलों में नैनीताल को छोड़कर देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले की कोरोना संक्रमण दर 20 प्रतिशत से कम हुई है। जबकि नैनीताल जिले की संक्रमण दर 32.7 प्रतिशत है। बीते तीन दिनों के कोरोना आंकड़ों के आधार पर पांच पर्वतीय जिले पौड़ी, पिथौरागढ़, टिहरी, अल्मोड़ा व रुद्रप्रयाग जिले की संक्रमण दर 20 प्रतिशत ज्यादा है। जिसमें पौड़ी जिला संक्रमण में पहले स्थान पर है।

सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि गांवों में संक्रमण को रोकने के लिए सरकार व स्वास्थ्य विभाग को सैंपल जांच, स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बीते तीन दिनों में नैनीताल को छोड़ कर बाकी मैदानी जिलों में संक्रमण दर कम हुई है। जबकि पांच पर्वतीय जिलों में संक्रमण दर सबसे ज्यादा है।

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