उत्तराखंड मौसम अलर्ट: भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट; 111 सड़कें बंद, खतरे के निशान के पास पहुंची नदियाँ
देहरादून (Uttarakhand Post) मौसम विज्ञान केंद्र ने 3 अगस्त तक उत्तराखंड के कई जिलों में गरज-चमक और तीव्र बौछारों के साथ भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, यातायात ठप हो गया है और प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है।
मुख्य अलर्ट और चेतावनी
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ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: देहरादून, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और टिहरी गढ़वाल।
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पूर्वानुमान अवधि: 3 अगस्त तक पूरे प्रदेश में रुक-रुक कर भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने का दौर जारी रहेगा।
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प्रशासन की अपील: मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों तथा पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है।
बारिश के प्रमुख आंकड़े (पिछले 24 घंटे)
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मालदेवता (देहरादून): 233.0 मिमी (सर्वाधिक)
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हाथीबड़कला: 194.5 मिमी
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जॉलीग्रांट: 172.2 मिमी
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मसूरी: 163.0 मिमी
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ऊखीमठ: 120.0 मिमी
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डीडीहाट: 102.0 मिमी
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धनोल्टी: 88.0 मिमी
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हल्द्वानी एवं थल: 83.0 मिमी
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चमोली: 80.6 मिमी
सड़कों और यातायात पर असर
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111 रास्ते बंद: भूस्खलन और मलबा आने से प्रदेश भर में 3 राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), 6 राज्य मार्ग (SH) और 76 ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं।
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सबसे प्रभावित जिले:
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देहरादून: 27 सड़कें बंद (1 NH और 5 SH शामिल)।
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टिहरी: 17 सड़कें बंद।
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पिथौरागढ़: 16 सड़कें बंद (NH और बॉर्डर रोड शामिल)।
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चमोली: 12 सड़कें बंद।
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उत्तरकाशी: 11 सड़कें बंद।
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नदियों का जलस्तर
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मंदाकिनी और अलकनंदा (रुद्रप्रयाग): जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब।
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पिंडर नदी (चमोली): खतरे के निशान से महज 4 मीटर नीचे।
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काली, गोरी और सरयू (पिथौरागढ़): नदियाँ उफान पर हैं और चेतावनी के स्तर के पास बह रही हैं।
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