देश के नामी डॉक्टर समेत 3 गिरफ्तार, 40-40 हजार में बेच रहा था रेमडेसिविर इंजेक्शन

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दवाई और ऑक्सीजन की कमी से पूरा देश परेशान है। इन हालातों में भी कुछ लोग दवाई की कालाबाजारी कर रहे है। अब पुलिस ने देश का नामी न्यूरोलॉजिस्ट रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में गिरफ्तार किया है।
 
देश के नामी डॉक्टर समेत 3 गिरफ्तार, 40-40 हजार में बेच रहा था रेमडेसिविर इंजेक्शन

गाजियाबाद (उत्तराखंड पोस्ट) देशभर में कोरोना का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में एक बार फिर देश में कोरोना का विस्फोट हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते 24 घंटे में कोरोना के 3,62,757 नए मामले सामने आए हैं। वहीं  3,285 लोगों की कोरोना के चलते मौत हुई है।देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,79,88,637 हो गई है।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच दवाई और ऑक्सीजन की कमी से पूरा देश परेशान है। इन हालातों में भी कुछ लोग दवाई की कालाबाजारी कर रहे है। अब पुलिस ने देश का नामी न्यूरोलॉजिस्ट रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी में गिरफ्तार किया है। दरअसल, गाजियाबाद में मंगलवार को एक न्यूरोलॉजिस्ट और उसके 2 सहयोगियों को भी स्वाट और घंटाघर कोतवाली पुलिस की टीम ने पकड़ा है। तीनों के पास से 70 रेमडेसिविर इंजेक्शन और 36 लाख रुपये से ज्यादा कैश मिला। करीब 48 हजार रुपये कीमत का एक और इंजेक्शन भी इनके पास से मिला है। बताया गया कि आरोपित डॉक्टर दिल्ली एम्स में भी अपनी सेवाएं देता है। वह एक नामी फार्मा कंपनी में सीईओ भी है।

एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि आरोपितों की पहचान डॉ. अल्तमश, कुमैल और जाजिब के रूप में हुई है। डॉ. अल्तमश देश का नामी न्यूरोलॉजिस्ट है और दिल्ली के निजामुद्दीन में रहता है। इंजेक्शन वही उपलब्ध कराता था। चंद दिनों की कालाबाजारी में ही उसने 36 लाख रुपये कमाए हैं। आरोपितों के पास जो कार मिली है, वह भी इन्हीं पैसों से खरीदी गई थी। डॉ. अल्तमश लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने की सलाह भी दे रहा था। बड़ी कंपनी का सीईओ और नामी न्यूरोलॉजिस्ट होने की वजह से वह आसानी से रैमडेसिविर और दूसरे महंगे इंजेक्शन तक अपनी पहुंच बना लेता था। फिर इसके गैंग के लोग मरीजों तक पहुंचते थे। इंजेक्शन केवल उसी को दिया जाता था, जो इनके लिंक के जरिए आते थे। अनजान लोगों से ये किसी तरह की बात नहीं करते थे।

डॉ. अल्तमश का गैंग गंभीर मरीजों तक अपनी पहुंच बनाता था। 4 हजार रुपये का रेमडेसिविर इंजेक्शन 30 से 40 हजार रुपये के बीच बेच रहे थे। इसी बीमारी में इस्तेमाल होने वाले अक्टेमरा इंजेक्शन की भी कालाबाजारी करते थे। सामान्यतौर पर लगभग 48 हजार रुपये में मिलने वाले इस इंजेक्शन को डेढ़ लाख रुपये में बेचते थे। गाजियाबाद में डिमांड मिलने के बाद इंजेक्शन जाजिब और कुमैल के पास पहुंचता था।

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