जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई:सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का तीखा वार, बोले- 'ये गजनवी और गोरी के बाद दूसरा बड़ा हमला'

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जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई:सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का तीखा वार, बोले- 'ये गजनवी और गोरी के बाद दूसरा बड़ा हमला'

SKT


नई दिल्ली(उत्तराखंड पोस्ट) रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने जौहर यूनिवर्सिटी पर संभावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। शालिनी कपूर तिवारी के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि किसी भी यूनिवर्सिटी को नुकसान पहुँचाना करोड़ों हिंदुस्तानियों की तमन्नाओं का खून करने जैसा है। उन्होंने सरकार के इस कदम की तुलना ऐतिहासिक हमलों से करते हुए इसे 'गजनवी और गोरी' के बाद देश की तहजीब पर होने वाला हमला करार दिया।

'यूनिवर्सिटी देश की संपत्ति, सिर्फ आजम खान की नहीं' सांसद नदवी ने स्पष्ट किया कि जौहर यूनिवर्सिटी भले ही आजम खान ने कायम की हो, लेकिन इसमें देश के करोड़ों लोगों का पैसा और चंदा लगा है। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी अब देश की संपत्ति है, जहाँ हिंदू और मुसलमान दोनों समुदायों के बच्चे शिक्षा प्राप्त करते हैं। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर यूनिवर्सिटी के नक्शे या निर्माण में कोई तकनीकी कमी रही भी है, तो उसे 'संवाद' के जरिए सुलझाया जाना चाहिए, न कि बुलडोजर चलाकर।

रामपुर की 'गंगा-जमुनी' तहजीब और राम का नाम नदवी ने रामपुर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि राम के नाम पर बसे इस शहर में मुसलमानों ने कभी नाम बदलने की बात नहीं की, क्योंकि राम सभी के लिए सम्माननीय हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि राम के नाम पर बसे शहर में यूनिवर्सिटी गिराना एक 'बड़ी गलती' होगी।

आजम खान से रिश्तों पर दी सफाई आजम खान के साथ उनके कथित तल्ख रिश्तों के सवाल पर नदवी ने कहा कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उनके बीच 'फ्रेंडली फाइटिंग' हो सकती है, लेकिन देशहित और शिक्षा के मंदिर को बचाने के लिए वे हमेशा साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि चाहे चांसलर उन्हें पहचानें या न पहचानें, वे एक छात्र की तरह यूनिवर्सिटी की हिफाजत के लिए लड़ेंगे।

निजी जीवन और शादियों के विवाद पर चुप्पी तोड़ी सांसद ने अपने निजी जीवन और शादियों को लेकर उड़ रही अफवाहों पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि उनके कुल पाँच बच्चे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पहली शादी और फिर दूसरी शादी (अलगाव के बाद) उनके माता-पिता की मर्जी से हुई थी और उन्होंने कभी भी एक समय में एक से अधिक पत्नी नहीं रखी।

शिक्षा व्यवस्था और आगामी चुनाव सांसद ने पेपर लीक और गिरती शिक्षा व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा और कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश चुनावों में 'सामाजिक न्याय', स्वास्थ्य और शिक्षा के मुद्दों के साथ जनता के बीच जाएगी। उन्होंने दावा किया कि सपा में कोई टूट नहीं होने वाली है और सभी सांसद अखिलेश यादव के नेतृत्व में एकजुट हैं।

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