दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछा- क्या गौतम गंभीर के पास दवा बांटने का है लाइसेंस ?

कोरोना काल में पूर्वी दिल्ली के सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर कोरोना मरीजों के लिए मुफ्त में फैबी फ्लू दवा बांट रहे हैं। इसके लिए मरीज या उनके परिजनों को डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन और पहचान पत्र लाना होगा। सवाल उठाया गया कि जब ये दवाइयां रेगुलेटिड नहीं हैं तो कैसे कोई ऐसा कर सकता है।
 
दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछा- क्या गौतम गंभीर के पास दवा बांटने का है लाइसेंस ?

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) देशभर में कोरोना का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में एक बार फिर देश में कोरोना का विस्फोट हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते 24 घंटे में कोरोना के 3,62,757 नए मामले सामने आए हैं। वहीं  3,285 लोगों की कोरोना के चलते मौत हुई है।देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1,79,88,637 हो गई है।

कोरोना काल में पूर्वी दिल्ली के सांसद और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर कोरोना मरीजों के लिए मुफ्त में फैबी फ्लू दवा बांट रहे हैं। इसके लिए मरीज या उनके परिजनों को डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन और पहचान पत्र लाना होगा। सवाल उठाया गया कि जब ये दवाइयां रेगुलेटिड नहीं हैं तो कैसे कोई ऐसा कर सकता है।

इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पूर्वी दिल्ली से बीजेपी सांसद गौतम गंभीर का जिक्र आया। दिल्ली हाई कोर्ट ने सवाल किया कि भाजपा सांसद गौतम गंभीर कोविड -19 के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही दवाओं को वितरित करने और उन्हें बड़ी मात्रा में खरीदने में सक्षम हैं। सुनवाई के दौरान मंगलवार जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली की बेंच ने कहा कि कैसे किसी व्यक्ति को इस प्रकार की दवा बांटने की इजाजत दी जा सकती है। क्या इसके लिए उनके पास लाइसेंस है। सांसद की ओर से जो दवाइयां बांटी जा रही हैं उसके लिए डॉक्टरों की सलाह ली गई। जजों ने हैरानी जताते हुए कहा कि उम्मीद थी कि बंद हो गया होगा लेकिन ऐसा हो रहा है।

इस दौरान दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि एक नेता ईस्ट दिल्ली में फैबी फ्लू मुफ्त में बांट रहे हैं। किसी को जरूरी दवाएं नहीं मिल रहीं और कोई मुफ्त में बांट रहा है। भले ही यह सही काम हो लेकिन यह तरीका सही नहीं है।

From around the web