इंडियन नेवी का ऑपरेशन संकल्प! होर्मुज स्ट्रेट के पास दो वॉरशिप, कर रहा भारतीय टैंकरों को एस्कॉर्ट
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय जहाजों की सुरक्षा और उन्हें कवर देकर स्वदेश लाने के लिए भारतीय नौ सेना ने अपने वारशिप तैनात किए हैं और उन्हें एस्कॉर्ट करने का भी काम कर रहे हैं।
सोमवार को एक ऐसे ही भारतीय तेल टैंकर 'जग लाडकी' को भारतीय नौ सेना के युद्धपोत को एस्कॉर्ट करते देखा गया। हालांकि, जब 'जग लाडकी' पर ओमान की खाड़ी में स्थित संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह बंदरगाह पर कच्चा तेल लोड किया जा रहा था, तभी उस पोर्ट पर एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन से हमला हो गया। पीआईबी की जानकारी के अनुसार घटना 14 मार्च, 2026 की है।
वॉरशिप कर रहा तेल टैंक 'जग लाडकी' को स्कॉट
इस हमले में 'जग लाडकी' को कोई नुकसान नहीं हुआ और वह 80,800 मीट्रिक टन मुरबान क्रूड ऑयल लेकर सुरक्षित अपने देश की ओर बढ़ रहा है और इसके सारे भारतीय नाविक भी सुरक्षित हं। यूएई का फुजैराह बंदरगाह होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण में है और वहां से आने के लिए इस स्ट्रेट को गुजरना नहीं पड़ता। हमारे सहयोगी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार 'जग लाडकी' को भी नेवी का एक वॉरशिप एस्कॉर्ट करते देखा गया है।
ऑपरेशन संकल्प के तहत नेवी जहाजों को दे रही कवर
युद्धपोतों की तैनाती के बारे में इंडियन नेवी की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है, लेकिन जानकारों के अनुसार भारतीय नौ सेना की कार्रवाई ऑपरेशन संकल्प का हिस्सा है, जो भारतीय नौ सेना अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए पहले भी लॉन्च कर चुकी है।
जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए दो टास्क फोर्स
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए भारतीय नौ सेना ने युद्धपोतों पर दो टास्क फोर्स तैनात किए हैं, ताकि पश्चिम एशिया संकट की वजह से पैदा होने वाले हर चुनौतियों में सहायता उपलब्ध करवाई जा सके।
कई मंत्रालयों के तालमेल से चल रहा ऑपरेशन संकल्प
अभी ऑपरेशन संकल्प को रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, शिपिंग मंत्रालय, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और डायरेक्टोरेट जनरल शिपिंग के साथ तालमेल में चलाया जा रहा है।
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