ईरान-US डील पर मेजर जनरल जीडी बख्शी का विस्फोटक खुलासा; क्या भारत को मिल रहा है धोखा?

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ईरान-US डील पर मेजर जनरल जीडी बख्शी का विस्फोटक खुलासा; क्या भारत को मिल रहा है धोखा?

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नई दिल्ली (Uttarakhand Post) ईरान और अमेरिका के बीच हुए हालिया समझौते ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। सैन्य विशेषज्ञ मेजर जनरल जीडी बख्शी ने शालनी कपूर तिवारी के पॉडकास्ट में इस डील को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। उनके अनुसार, इस तथाकथित शांति समझौते में अमेरिका और इजरायल की 'हेकड़ी' निकल गई है और ईरान एक विजेता के रूप में उभरा है।

ईरान की जीत और अमेरिका की 'हार'

बख्शी का तर्क है कि एक असमान युद्ध (Asymmetric Conflict) में, "ईरान तब जीतता है जब वह हारता नहीं है, और अमेरिका तब हारता है जब वह जीत नहीं पाता"। उन्होंने स्पष्ट किया कि 48 साल के प्रतिबंधों के बावजूद ईरान ने इस युद्ध की पूरी तैयारी की थी और अमेरिका-इजरायल गठबंधन को भारी सैन्य और आर्थिक नुकसान पहुँचाया है। उनके अनुसार, अमेरिका के 17 बेस प्रभावित हुए और उनके कई ड्रोन व विमान मार गिराए गए।
 

भारत के लिए 'खतरे की घंटी' और आर्थिक झटका

जीडी बख्शी ने भारत सरकार की नीतियों पर भी कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने भारतीय अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। भारत की विकास दर 7.2% से गिरकर 5.9% पर आ गई है और विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट आई है।

सबसे विवादास्पद बयान में उन्होंने अमेरिका पर 'धोखाधड़ी' का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत ने तेजस विमानों के इंजनों के लिए 1 अरब डॉलर दिए, लेकिन अमेरिका ने 4 साल में 100 इंजनों में से केवल 7 ही सप्लाई किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भारत को ज्यादा छेड़ा गया, तो हम भी एक न्यूक्लियर पावर हैं और "वाशिंगटन और न्यूयॉर्क धुएं में जा सकते हैं"।

"क्या हम अमेरिका की कॉलोनी बन गए हैं?"

भारतीय नाविकों की मौत पर सरकार की 'दबी हुई' प्रतिक्रिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए बख्शी ने पूछा, "क्या हम अमेरिका की 51वीं स्टेट या कॉलोनी बन गए हैं?"। उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वह अमेरिका को खरी-खरी सुना सकती हैं, तो भारत क्यों 'साष्टांग दंडवत' कर रहा है?।

आंतरिक सुरक्षा और 'कुकी लैंड' की साजिश

बख्शी ने अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए और जॉर्ज सोरस पर भारत को तोड़ने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मणिपुर और मिजोरम में 'कुकी लैंड' बनाने के लिए मिशनरी संगठनों के जरिए फंडिंग की जा रही है। उन्होंने यहाँ तक कहा कि भारत में पकड़े गए विदेशी मर्सिनरी भारतीय सेना के खिलाफ ड्रोन युद्ध की ट्रेनिंग दे रहे थे।

पाकिस्तान की भूमिका: "सिर्फ एक बटलर"

पाकिस्तान द्वारा इस डील में मध्यस्थता के दावों को खारिज करते हुए बख्शी ने उसे "फर्नीचर मुल्क" और एक "बटलर" करार दिया, जो केवल चिट्ठियाँ पहुँचाने का काम कर रहा था। उनके अनुसार, असली मध्यस्थता कतर और ओमान ने की है

भारत के लिए अगला कदम: "ठेंगा दिखाओ"

साक्षात्कार के अंत में बख्शी ने भारत को सलाह दी कि वह अमेरिका के दबाव में न आए। उन्होंने कहा, "भाड़ में जाए अमेरिका, भाड़ में जाए डोनाल्ड ट्रंप"। भारत को रूस से SU-57 स्टेल्थ फाइटर खरीदने चाहिए और अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बिना डरे रूसी तेल आयात जारी रखना चाहिए

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