20 देशों में मिला कोरोना का नया वैरिएंट 'सिकाडा', भारत के लिए कितना खतरा?

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20 देशों में मिला कोरोना का नया वैरिएंट 'सिकाडा', भारत के लिए कितना खतरा?

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कोविड-19 वायरस का नया सब-वैरिएंट सामने आया है। इसे बीए.3.2 कहा जा रहा है। इसमें 70-75 म्यूटेशन होने का अनुमान है, जिनमें से कई स्पाइक प्रोटीन में हैं; यह वायरस का वह हिस्सा है जो इसे इंसानी कोशिकाओं पर हमला करता है। 


दिल्ली ( उत्तराखंड पोस्ट) दुनिया के 20 से ज्यादा देशों में कोविड-19 वायरस के नए मामले सामने आए हैं। कोरोना के इस नए सब वैरिएंट को बीए.3.2 कहा जा रहा है। नए वैरिएंट को आमतौर पर 'सिकाडा' के नाम से जा रहा है। यह अमेरिका सहित कई देशों में पाया गया है। हालांकि, भारत में अभी तक वायरस के इस वैरिएंट का कोई मामला सामने नहीं आया है। फिलहाल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कोरोना के नए मामलों की निगरानी कर रहा है। लोगों से सावधान रहने, घबराहट से बचने की सलाह दी जा रही।

कोरोना का नया वेरिएंट BA.3.2 क्या है?
BA.3.2 ओमिक्रॉन परिवार का उप सदस्य है। हालांकि, इसमें म्यूटेशन की ज्यादा संख्या ही इसे दूसरों से अलग बनाती है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस नए वेरिएंट में भी 70-75 म्यूटेशन होने का अनुमान है, जिनमें से कई स्पाइक प्रोटीन में हैं; यह वायरस का वह हिस्सा है जो इसे इंसानी कोशिकाओं पर हमला करने में मदद करता है। यह न केवल इसे ज्यादा आसानी से फैलने में मदद कर सकता है, बल्कि इम्यून सिस्टम को भी कुछ हद तक चकमा दे सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का तर्क है कि वायरस में म्यूटेशन होने से यह जरूरी नहीं कि वह ज्यादा जानलेवा भी हो जाए।

यह अब तक कहां-कहां फैल चुका है?
इस नए वेरिएंट की पहचान अमेरिका में हुई है। यह यूरोप और एशिया के कई देशों में भी मौजूद है। 'बिजनेस स्टैंडर्ड' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में इस नए वेरिएंट के मिलने के बाद ही दुनिया भर में इसकी निगरानी शुरू की गई है। अब तक इस नए वेरिएंट के बड़े पैमाने पर फैलने की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।


क्या भारत को चिंतित होने की जरूरत है?
फिलहाल, विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में घबराने की कोई तुरंत वजह नहीं है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, भारत के सर्विलांस सिस्टम नए वेरिएंट्स पर नजर रख रहे हैं, और अब तक, BA.3.2 से जुड़ी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उम्मीद है कि वैक्सीन अभी भी गंभीर बीमारी से सुरक्षा देंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार जीनोम सीक्वेंसिंग, अस्पताल में भर्ती होने के ट्रेंड पर नज़र रखने और ज़रूरत पड़ने पर बूस्टर शॉट लेने की सलाह दे रहे हैं।

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