PM मोदी ने नए मंत्रियों के सामने खींची तीन-तीन लक्ष्मण रेखाएं, आप भी जानिए

पीएम मोदी ने मंत्रियों को इशारों-इशारों में ही यह भी बता दिया कि वो अपनी टीम में शामिल होने वालों से क्या-क्या उम्मीद करते हैं। पीएम ने नए मंत्रियों के लिए एक नहीं बल्कि तीन-तीन लक्ष्मण रेखाएं खींच दीं हैं।

 
Laxman

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) मोदी मंत्रिपरिषद के नए मंत्रियों ने गुरुवार को अपना कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नए मंत्रियों से शपथ से पहले मुलाकात की थी।

खबर है कि पीएम मोदी ने मंत्रियों को इशारों-इशारों में ही यह भी बता दिया कि वो अपनी टीम में शामिल होने वालों से क्या-क्या उम्मीद करते हैं। पीएम ने नए मंत्रियों के लिए एक नहीं बल्कि तीन-तीन लक्ष्मण रेखाएं खींच दीं हैं।

पहली लक्ष्मण रेखा- किसी मत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले कार्यकाल में ही 'ना खाएंगे और ना खाने देंगे' का नारा दिया था। मोदी ने तब भ्रष्टाचार मुक्त शासन का वादा किया और खुद को देश का प्रधानमंत्री नहीं प्रधानसेवक और चौकीदार बताया। मोदी ने बुधवार को अपने नए मंत्रियों को बेहद स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि उनकी सरकार में करप्शन पर जीरो टोलेरेंस की पॉलिसी है।

दूसरी लक्ष्मण रेखा- दायित्वों को समझें, लक्ष्य को नजरअंदाज न करें

  • प्रधानमंत्री मोदी इस बात का जनता के बीच खूब प्रचार करते हैं कि पहले की सरकारें योजनाएं की घोषणा कर देती थीं, शिलान्यास भी हो जाता था, लेकिन दशकों तक काम पूरा नहीं होता था। उनका कहना है कि उनकी सरकार में हर योजना के साथ उसे पूरा करने की मियाद भी तय होती है।
  • पीएम मोदी का दावा है कि उनकी सरकार ने न केवल पिछली यूपीए की सरकारों बल्कि और भी पुरानी सरकारों के अधूरे कार्यों को पूरा किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी नए मंत्रियों को हिदायत दे दी कि वो 15 अगस्त से पहले दिल्ली न छोड़ें। उनसे कहा गया कि वे अपने मंत्रालय के काम के पहले अच्छे से समझ लें ताकि कभी किसी को उंगली उठाने का मौका नहीं मिले और सरकार की किरकिरी होने का मौका ही नहीं पैदा हो।

तीसरी लक्ष्मण रेखा- जश्न न मनाएं

  • बताया जा रहा है कि पीएमओ की ओर से भी गाइडलाइंस जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि मंत्री बनने के जश्न में कोरोना प्रॉटोकॉल का उल्लंघन नहीं किया जाए। वैसे भी मंत्रियों को 15 अगस्त तक दिल्ली में रहने का निर्देश मिला है तो वो अपने-अपने क्षेत्र फिलहाल जा ही नहीं सकेंगे। 15 अगस्त के बाद जब वो अपने समर्थकों के बीच होंगे तब कोरोना की स्थिति के अनुसार उन्हें जश्न मनाने की छूट मिल सकती है।

लाइमलाइट से बचने की भी हिदायत

  • कई बार नेता गाहे-बगाहे ऐसा बयान दे देते हैं जिससे विपक्ष और आलोचकों को बैठे-बिठाए मुद्दा मिल जाता है। हाल के दिनों में उत्तराखंड के दो-दो मुख्यमंत्रियों की कुर्सी छिने जाने के पीछे भी उनका बड़बोलापन बड़ी वजह बनी। । स्वाभाविक है कि मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस का नारा देने वाले पीएम मोदी को अपनी सरकार की 'काम कम और बातें ज्यादा' जैसी छवि नहीं बनने देने की चिंता होगी। इसी चिंता में पीएम मोदी ने नए मंत्रियों से दो टूक कहा है कि वो मीडिया के संपर्क में एक हद से ज्यादा नहीं रहें। पीएम ने हिदायत दी कि जरूरत हो तभी मीडिया से बात करें, यूं ही राह चलते मीडिया को बयान देते न फिरें।

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