कोरोना के कहर के बीच देशभर में संपूर्ण लॉकडाउन पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

पीएम ने कहा कि अभी लॉकडाउन की जरुरत नहीं है। वहीं मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने कोरोना के बचाव के लिए भी सुझाव मांगे हैं। उन्होंने कहा कि एक बार फिर चुनौतीपूर्ण स्थिति बन रही है।
 
कोरोना के कहर के बीच देशभर में संपूर्ण लॉकडाउन पर पीएम मोदी का बड़ा बयान
नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) भारत में कोरोना वायरस तेजी से अपने पैर पसार रहा है। हालात ये हैं कि हर रोज एक लाख से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे वक्त में कोरोना से बचकर रहना बहुत जरुरी है। पीएम नरेंद्र मोदी देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि आज की मीटिंग में कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने रखे गए हैं, कई सुझाव दिए गए हैं। भारत सरकार की ओर से जो प्रेजेंटेशन रखा गया है, उसे देखकर लग रहा है कि एक बार फिर चुनौतीपूर्ण स्थिति बन रही है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि हालात से निपटने के लिए वे 2-3 हफ्ते सख्ती बरतें और लापरवाही न करें। 

पीएम ने कहा कि अभी लॉकडाउन की जरुरत नहीं है। वहीं मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने कोरोना के बचाव के लिए भी सुझाव मांगे हैं। उन्होंने कहा कि एक बार फिर चुनौतीपूर्ण स्थिति बन रही है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हम कोरोना के इस पीक को बहुत तेजी से नीचे ला सकते हैं। इसके लिए हमें TEST, TRACK और TREAT पर काम करना होगा। हम जितना ज्यादा टेस्ट करेंगे, उतना अच्छा रहेगा। हमें टेस्टिंग का लेवल इतना ज्यादा बढ़ाना होगा कि कोरोना संक्रमण की दर 5 प्रतिशत की दर से नीचे आ जाए।

पीएम मोदी ने कहा- अब पहले की अपेक्षा हमारे पास संसाधन ज्यादा हैं, वैक्सीन भी हैं। अब हमारे पास इस बीमारी को लेकर अनुभव भी ज्यादा है। यह हम सबके लिए प्लस पॉइंट है जबकि इससे पहले ऐसा कुछ नहीं था, जिसके चलते हमें लॉकडाउन लगाने को मजबूर होना पड़ा। उस लॉकडाउन की अवधि में हमने देश में स्वास्थ्य ढांचा बढ़ाने पर काम किया। अब हमारा जोर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाने पर होना चाहिए, जहां रात्रि कर्फ्यू लगाए गए हैं, वहां कोरोना कर्फ्यू शब्द का इस्तेमाल करें।

पीएम मोदी ने कहा- देश कोरोना की पहली लहर के पीक को क्रॉस कर चुका है। कई राज्य इस पीक से ऊपर चल रहे हैं। यह हम सबके लिए चिंता की बात है। इसका कारण यह है कि लोग पहले की अपेक्षा कैजुअल हो गए हैं और प्रशासन भी इसमें लापरवाही बरत रहा है. हमें फिर से युद्ध स्तर पर काम करने की जरूरत है।

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