SC का सरकार को निर्देश- लॉकडाउन लगाने पर करें विचार, क्या देशभर में लगेगा संपूर्ण लॉकडाउन ?

देशभर में कोरोना का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में देश में पहली बार कोरोना के चार लाख से ज्यादा नए केस दर्ज किए गए है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 3,68,147 नए कोरोना केस आए और 3417 संक्रमितों की जान चली गई है। हालांकि 3,00,732 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं।
 
SC का सरकार को निर्देश- लॉकडाउन लगाने पर करें विचार, क्या देशभर में लगेगा संपूर्ण लॉकडाउन ?

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) देशभर में कोरोना का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में देश में पहली बार कोरोना के चार लाख से ज्यादा नए केस दर्ज किए गए है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 3,68,147 नए कोरोना केस आए और 3417 संक्रमितों की जान चली गई है। हालांकि 3,00,732 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं।

अब कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते प्रभाव के बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से लॉकडाउन पर विचार करने की बात कही है। SC ने सरकारों से कहा है कि वे लोक कल्याण के हित में दूसरी लहर के वायरस पर अंकुश लगाने के लिए लॉकडाउन लगाने पर विचार कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि लॉकडाउन लगाने से पहले सरकार ये भी सुनिश्चित करे कि इसका सामाजिक और आर्थिक प्रभाव कम पड़े। कोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों पर लॉकडाउन का असर पड़ सकता है, उनके के लिए खास इंतज़ाम किए जाएं।

कोर्ट ने कहा है कि अगर किसी मरीज के पास किसी राज्‍य/केंद्र शासित प्रदेश का स्‍थानीय पता प्रमाण पत्र या आईडी प्रूफ नहीं है तो भी उसे हॉस्पिटल में भर्ती करने और जरूरी दवाएं देने से मना नहीं किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य पुलिस कमिश्नरों को निर्देश दें कि सोशल मीडिया में किसी भी जानकारी पर कार्यवाही की तो अदालत कार्यवाही करेगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दो सप्ताह के भीतर केंद्र को अस्पतालों में प्रवेश पर राष्ट्रीय नीति बनाए और राज्यों द्वारा इसका पालन किया जाए, - जब तक ये नीति तैयार ना हो निवास के प्रमाण के अभाव में किसी भी मरीज को अस्पताल में भर्ती करने या आवश्यक दवाओं से वंचित नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को वैक्सीन का मूल्य निर्धारण और उपलब्धता, ऑक्सीजन और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता पर फिर से विचार करना चाहिए।

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