'शूटर दादी' का कोरोना से निधन, निशानेबाजी में मनवाया था लोहा

शूटर दादी के नाम से मशहूर चंद्रो तोमर ने निशानेबाजी में नेशनल और राज्य लेवल पर कई पदक अपने नाम किये थे। शूटर दादी बागपत के जोहड़ी गांव की रहने वाली है। प्रख्यात फिल्मकार अनुराग कश्यप ने उनके जीवन पर आधारित एक फिल्म सांड की आंख का निर्माण किया और इसके जरिये उन्हें पूरी दुनिया में पहचान मिली।

 
'शूटर दादी' का कोरोना से निधन, निशानेबाजी में मनवाया था लोहा
मेरठ (उत्तराखंड पोस्ट) देशभर में कोरोना का कहर जारी है। पिछले 24 घंटे में एक बार फिर देश में कोरोना का विस्फोट हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक बीते 24 घंटे में कोरोना के 3,86,452 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 3,498 लोगों की कोरोना के चलते मौत हुई है।

इस बीच एक दुखद खबर मिल रही है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के बागपत की शूटर दादी के नाम से मशहूर निशानेबाज चंद्रो तोमर भी कोरोना से जंग हार गईं। उनका शुक्रवार को मेरठ के एक अस्पताल में निधन हो गया।

89 वर्षीय चंद्रो तोमर का पिछले कई दिनों से मेरठ के आनंद अस्पताल में इलाज चल रहा था. वह 26 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गई थीं और इसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया के जरिये दी थी। सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

शूटर दादी के नाम से मशहूर चंद्रो तोमर ने निशानेबाजी में नेशनल और राज्य लेवल पर कई पदक अपने नाम किये थे। शूटर दादी बागपत के जोहड़ी गांव की रहने वाली है। प्रख्यात फिल्मकार अनुराग कश्यप ने उनके जीवन पर आधारित एक फिल्म सांड की आंख का निर्माण किया और इसके जरिये उन्हें पूरी दुनिया में पहचान मिली।

वह लगातार ट्विटर पर सक्रिय रहती थीं। उनके ट्विटर पर ये ट्वीट पिन है- जिसमें वह कश्मीर घूमने जाने की बात कर रही हैं। उन्होंने लिखा है कि “एक बार कम से कम जम्मू कश्मीर घूमना है कभी नहीं गयी। बता देना कब माहोल ठीक है। जाऊँगी ज़रूर”

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