भारत में बढ़ रहा है ओमिक्रॉन का खतरा, हो रही है ये प्रतिबंध लगाने की तैयारी, जानिए वो 5 कदम

गुरुवार को केंद्र सरकार ने ओमिक्रॉन को लेकर राज्यों की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान राज्यों को जिलों में पॉजिटिव केस, डबलिंग रेट और क्लस्टर पर नजर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही राज्यों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है और सभी सावधानियों का पालन करने के लिए कहा गया है।

 
Omicron

 

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) भारत में कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है। देश में ओमिक्रॉन के अब तक 16 राज्यों में 269 केस सामने आ चुके हैं। इनमें से अपने उत्तराखंड में भी ओमिक्रॉन का एक मामला शामिल है।

गुरुवार को केंद्र सरकार ने ओमिक्रॉन को लेकर राज्यों की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान राज्यों को जिलों में पॉजिटिव केस, डबलिंग रेट और क्लस्टर पर नजर रखने की सलाह दी गई है। साथ ही राज्यों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है और सभी सावधानियों का पालन करने के लिए कहा गया है।

केंद्र की तरफ से राज्यों को त्योहारों पर स्थानीय स्तर पर प्रतिबंध लगाने की सलाह दी गई है। राज्यों से कहा गया है कि फुली वैक्सीनेशन गंभीर स्थिति यहां तक की ओमिक्रॉन और अस्पताल में भर्ती होने से रक्षा कर सकता है, ऐसे में डोर टू डोर वैक्सीनेशन कराया जाए।

5 स्टेप रणनीति अपनाएं राज्य

नाइट कर्फ्यू लगाएं, जमावड़ों पर रोक लगाई जाए, खासकर आने वाले त्योहारों के मद्देनजर। कोरोना के केस बढ़ने पर कंटेनमेंट और बफर जोन का निर्धारण करें।

टेस्टिंग और सर्वेलांस पर विशेष ध्यान दिया जाए। ICMR और स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, टेस्ट कराए जाएं। डोर टू डोर केस सर्च और आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए।

अस्पतालों में बेड, एंबुलेंस और स्वास्थ्य उपकरण बढ़ाने पर फोकस किया जाए। ऑक्सीजन का बफर स्टॉक बनाया जाए। 30 दिन की दवाओं का स्टॉक बनाएं।

लगातार जानकारी दी जाए, ताकि अफवाह न फैले, राज्य रोजाना प्रेस ब्रीफिंग करें।

राज्य 100% वैक्सीनेशन पर फोकस करें। सभी वयस्कों को दोनों डोज सुनिश्चित करने के लिए डोर टू डोर अभियान चलाया जाए।

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