कोरोना के कहर के बीच क्या बंद होंगी रेल सेवाएं ? सामने आया रेलवे का बड़ा बयान

कोरोना महामारी भारत में खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। रोजाना सवा लाक तक नए मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं। इस बीच लोगों के मन में तमाम सवाल हैं, जिनमें अहम है कि क्या एक बार फिर से रेल सेवा बंद कर दी जाएगी ?
 
कोरोना के कहर के बीच क्या बंद होंगी रेल सेवाएं ? सामने आया रेलवे का बड़ा बयान

नई दिल्ली (उत्तराखंड पोस्ट) कोरोना महामारी भारत में खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। रोजाना सवा लाक तक नए मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं। इस बीच लोगों के मन में तमाम सवाल हैं, जिनमें अहम है कि क्या एक बार फिर से रेल सेवा बंद कर दी जाएगी ?

आम लोगों के मन में इन आशंकाओं के बीच बीच रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने रेल सेवाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। रेलवे बोर्ड ने साफ किया है कि बोर्ड का ट्रेनों को रोकने या उस पर पाबंदी लगाने की कोई योजना नहीं है।

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने कहा, 'महाराष्ट्र में जिन मजदूरों के पलायन की बात कही जा रही है वो पलायन नहीं है बल्कि ये रेलवे के सामान्य यात्री हैं। नाईट कर्फ्यू से बचने के लिए ये जल्दी स्टेशन पहुंच जाते हैं जिसकी वजह से भीड़ दिखाई दे रही है।' चेयरमैन सुनीत शर्मा ने ये भी बताया कि उड़ीसा और उत्तराखंड से रेलवे से यात्रियों का RTPCR टेस्ट अनिवार्य किए जाने का अनुरोध किया गया है।

वहीं उत्तराखंड की बात करें तो यहां भी कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। प्रदेश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कोरोना की दूसरी लहर का असर दिखने लगा है। प्रदेश में कंटेनमेंट जोन और हॉटस्पॉट की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोरोना के प्रभाव को रोकने के लिए कई राज्यों ने लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू का सहारा लिया है। देशभर में कोरोना के कहर को देखते हुए बीते गुरुवार को पीएम मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की।

पीएम ने बैठक में अगले 2-3 हफ्ते सख्ती बरतने के निर्देश दिए। पीएम के साथ बैठक के बाद सीएम तीरथ ने राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए प्रदेश में आरटीपीसीआर टेस्टिंग बढाने, संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए ट्रेसिंग, माइक्रो कन्टेनमेंट जोन और सर्विलांस पर और अधिक गम्भीरता से काम करने के निर्देश दिये।

इस बीच शुक्रवार को सीएम तीरथ की कैबिनेट बैठक होने जा रही है। कहा जा रहा है कि कोरोना के कहर को देखते हुए बड़ी फैसला सीएम ले सकते हैं। इसके संकेत सीएम ने दिए हैं। माना जा रहा है कि प्रदेश में जहां-जहां कोरोना के केस बढ़ रहे है और कंटेनमेंट जोन में सरकार लॉकडाउन या नाइट कर्फ्यू का फैसला ले सकती है। आपको बता दें कि आज सीएम अपने जन्मदिन के मौके पर तिलक रोड स्थित श्री श्रद्धानंद बाल वनिता आश्रम पहुंचे थे। वहीं आश्रम पहुंचे सीएम ने कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए नाइट कर्फ्यू लगाने के संकेत भी दिए।

मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री रावत में कहा कि प्रदेश में कोरोना से मामले में जिस तरीके से बढ़ रहे हैं उसमें और भी ज्यादा सावधानी रखने की आवश्यकता है इसके साथ ही ने कहा कि जो ज़्यादा संक्रमण वाले राज्य हैं उन्हें बिना कोरोना रिपोर्ट के प्रदेश में घुसने नहीं दिया जाएगा। इसके साथ में उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिकवरी रेट जरूर बढ़ रहा है लेकिन सावधानी लगातार बरती जाएगी। सीएम रावत ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग बनाए और मास्क लगाएं। उन्होंने कहा कि नाइट कर्फ़्यू को लेकर शाम 5 बजे कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी। शाम को तीरथ सरकार की कैबिनटे बैठक सचिवालय में है। इस बैठक में राज्य सरकर नाइट कर्फ्यू का फैसला ले सकती है।

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