नेपाल के PM ने, PM मोदी को दिया धन्यवाद, भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक
दिल्ली ( उत्तराखंड पोस्ट) : नेपाल में जेन जी आंदोलन का चेहरा रहे 35 वर्षीय बालेंद्र शाह बालेन ने शुक्रवार को नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रच दिया। रैपर, इंजीनियर और फिर नेता बने बालेंद्र शाह नेपाल की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव का प्रतीक बन गए हैं। प्रधानमंत्री पद की शपथ के अगले दिन ही बालेंद्र शाह ने भारत के साथ रिश्तों को नई गति देने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वह भारत संग घनिष्ठता के साथ काम करने को उत्सुक हैं साथ ही उन्होंने पीएम मोदी का भी आभार प्रकट किया।
नेपाल के नए प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी का जताया आभार
नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने भारत के साथ रिश्तों को नई गति देने की इच्छा जाहिर करते हुए शनिवार को कहा कि वह भारत संग घनिष्ठता के साथ काम करने को उत्सुक हैं और शपथ ग्रहण के बाद शुभकामनाएं देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया। शुक्रवार को शपथ ग्रहण के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बालेंद्र शाह को बधाई देते हुए कहा था कि आपका कार्यभार संभालना नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व में भरोसे को जताता है। मुझे विश्वास है कि हम मिलकर भारत-नेपाल की मित्रता और सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।
जब बालेंद्र शाह को देनी पड़ी सफाई
एक वक्त ऐसा भी रहा जब बालेंद्र शाह के कुछ फैसलों को भारत विरोधी माना गया। साल 2023 की बात है जब काठमांडू का मेयर रहते हुए बालेंद्र शाह ने बॉलीवुड फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश दिया था। विवाद फिल्म आदिपुरुष के डायलॉग को लेकर था। बाद में नेपाल के पाटन हाई कोर्ट इस फैसले को रद्द कर दिया था। हालांकि बाद में बालेंद्र शाह ने स्पष्ट किया था कि उनका विरोध आदिपुरुष के खास संवाद से था न कि भारत या बॉलीवुड से। इसके बाद बालेंद्र शाह के उस नक्शे की भी काफी चर्चा हुई जिसे उन्होंने अपने ऑफिस में लगाया। भारत के अखंड भारत के नक्शे के जवाब में ग्रेटर नेपाल का नक्शा लगाया। इस नक्शे में भारत के कुछ हिस्सों को शामिल किया गया था।
शपथ के अगले दिन ही ओली गिरफ्तार
क्षेत्रीय रणनीतिक दृष्टि से नेपाल, भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण देश माना जाता है, और दोनों देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग को इस परिप्रेक्ष्य में खास अहमियत दी जाती है। नेपाल सामान और सेवाओं के परिवहन के लिए बड़े पैमाने पर भारत पर निर्भर है। चारों तरफ से जमीन से घिरे होने के कारण समुद्र तक उसकी पहुंच भारत के रास्ते ही संभव है, और वह अपनी अधिकांश जरूरतों का आयात भी भारत से या भारत के माध्यम से ही करता है। बालेन ने नेपाल के झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में के.पी. शर्मा ओली को लगभग 50,000 मतों के भारी अंतर से हराया था। ओली चार बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। आमतौर पर ओली को एक ऐसा नेता के तौर पर देखा गया जो चीन के ज्यादा करीब थे। बालेंद्र शाह के शपथ के अगले दिन ओली को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
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