UPI से पेमेंट करना होगा महंगा? RBI गवर्नर ने दिया बड़ा संकेत
नई दिल्ली(उत्तराखंड पोस्ट) क्या आने वाले समय में UPI से पेमेंट करना महंगा हो जाएगा? भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा के हालिया बयान के बाद यह सवाल चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि फिलहाल आम UPI यूजर्स को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
UPI पूरी तरह मुफ्त नहीं रह सकता: RBI गवर्नर
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि UPI जैसी डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को संचालित करने, सुरक्षित रखने और लगातार बेहतर बनाने में लागत आती है। ऐसे में इस सिस्टम को हमेशा पूरी तरह मुफ्त चलाना संभव नहीं है, क्योंकि इसकी लागत किसी न किसी को वहन करनी ही पड़ती है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आम उपभोक्ताओं से UPI ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क लिया जाएगा।
क्या सरकार MDR लागू करने पर विचार कर रही है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी (Merchant) UPI ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यह शुल्क 0.25% से 0.40% तक हो सकता है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका असर मुख्य रूप से व्यापारियों को किए जाने वाले बड़े UPI भुगतान पर पड़ सकता है।
आम UPI यूजर्स पर क्या होगा असर?
फिलहाल व्यक्ति-से-व्यक्ति (Person-to-Person) UPI ट्रांजैक्शन पर किसी तरह का शुल्क लगाने का कोई फैसला नहीं हुआ है। यानी रोजमर्रा के छोटे भुगतान और दोस्तों या परिवार के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर पहले की तरह मुफ्त रहने की संभावना है।
क्या अभी घबराने की जरूरत है?
नहीं। फिलहाल UPI पेमेंट पर आम लोगों के लिए किसी नए चार्ज की घोषणा नहीं हुई है। MDR को लेकर जो चर्चा चल रही है, वह केवल कुछ व्यापारी ट्रांजैक्शन तक सीमित हो सकती है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं के लिए UPI सेवा पहले की तरह मुफ्त रहने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
RBI गवर्नर के बयान का उद्देश्य यह बताना था कि डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने की एक लागत होती है। हालांकि अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है, जिससे आम UPI यूजर्स को भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़े।
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