बड़ा खुलासा | राहुल गांधी की रैली से हटाए गए थे हरीश रावत के पोस्टर, प्रदेश प्रभारी पर साजिश का आरोप

इस सबके बीच हरीश रावत के सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि हरीश रावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। अगर देवेंद्र यादव की मौजूदगी में राहुल गांधी की रैली से उनके पोस्टर हटा दिए जाते हैं तो उनकी भूमिका संदेह में आ जाती है। इसके बाद उन्होंने कहा कि संभावना है कि देवेंद्र यादव साजिश में शामिल हों।

 
Harish Rawat

 

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव से पहले कांग्रेस में खलबली मच गयी है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने बुधवार दोपहर को अचानक एक के बाद एक कई ऐसे ट्वीट किए जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में इसके चर्चे हो रहे है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कुछ ऐसे ट्वीट सामने आए हैं जो पार्टी आलाकमान से उनकी नाराजगी दिखाते हैं। अपने ट्वीट में अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस आलाकमान के रवैये पर अंगुली उठाते हुए कुछ ऐसा भी लिख दिया है जिसे कुछ लोग उनके रिटायरमेंट से जोड़कर देख रहे हैं।

इस सबके बीच हरीश रावत के सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि हरीश रावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। अगर देवेंद्र यादव की मौजूदगी में राहुल गांधी की रैली से उनके पोस्टर हटा दिए जाते हैं तो उनकी भूमिका संदेह में आ जाती है। इसके बाद उन्होंने कहा कि संभावना है कि देवेंद्र यादव साजिश में शामिल हों।

सुरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि भाजपा ने हमारे किसी सदस्य को धमकाने के लिए ईडी या सीबीआई का इस्तेमाल किया होगा। उन्होंने हरीश रावत और हमारे सदस्यों के बीच मतभेद पैदा करने के अपने मकसद को पूरा करने के लिए हमारे किसी सहयोगी को गुमराह किया होगा। भाजपा ने पहले भी ऐसा किया है और यह उनके लिए एक छोटा सा काम है।

आपको बता दें कि पूर्व सीएम हरीश रावत ने ट्वीट किया था- है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। जिस समुद्र में तैरना है, सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है!

आगे लिखा- फिर चुपके से मन के एक कोने से आवाज उठ रही है "न दैन्यं न पलायनम्" बड़ी उहापोह की स्थिति में हूं, नया वर्ष शायद रास्ता दिखा दे। मुझे विश्वास है कि भगवना केदारनाथ जी इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे।

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