उत्तराखंड | तो क्या 'रावत' बनाम 'रावत' होगा सल्ट विधानसभा उपचुनाव ?

उत्तराखंड में सल्ट विधानसभा उपचुनाव की लेकर राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने तो सल्ट उपचुनाव रावत बनाम रावत बनाने का सुझाव दिया है।
 
उत्तराखंड | तो क्या 'रावत' बनाम 'रावत' होगा सल्ट विधानसभा उपचुनाव ?

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में सल्ट विधानसभा उपचुनाव की लेकर राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने तो सल्ट उपचुनाव रावत बनाम रावत बनाने का सुझाव दिया है।

किशोर उपाध्याय ने ट्वीट कर जहां बीजेपी से सीएम तीरथ रावत को मैदान में उतारने का सुझाव दिया है, वहीं कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत को चुनाव लड़ाने की मांग की है।


 

दरअसल पूर्व सीएम हरीश रावत ने सल्ट सीट पर कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार न उतारने की बात कही थी, जिसकी कांग्रेसी नेताओं ने काफी आलोचना भी की थी। हालांकि, बाद में हरीश रावत ने इसे निजी राय करार दिया था।

आपको बता दें कि बीजेपी विधायक सुरेन्द्र जीना के निधन के बाद खाली पड़ी सल्ट विधानसभा में उपचुनाव होना है। चुनाव आयोग ने सल्ट में 17 अप्रैल को मतदान और 2 मई को काउंटिंग निर्धारित की है। सल्ट विधानसभा में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही है। हालांकि दोनों दलों ने अभी तक उम्मीदवारों का ऐलान नहीं किया है।

सल्ट विधानसभा उपचुनाव के साथ ही बीजेपी में ये भी मंथन शुरु हो गया है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे ? आपको ध्यान होगा कि बीते दिनों बीजेपी के बद्रीनाथ से विधायक महेंद्र भट ने बयान दिया था कि वे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के लिए अपनी सीट छोड़ सकते हैं। साथ ही भट्ट ने ये भी कहा था कि कांग्रेस का कोई विधायक भी सीएम तीरथ के लिए अपनी सीट छोड़ सकता है। वहीं कोटद्वार से विधायक और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भी मुख्यमंत्री के लिए सीट छोड़ने की इच्छा जताई है। हरक का कहना है कि अब लोकसभा में जाना चाहते हैं मतलब हरक सिंह रावत अगर सीट छोड़ते हैं तो वो तीरथ सिंह रावत की पौड़ी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहेंगे।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का कहना है कि मुख्यमंत्री के चुनाव लड़ने को लेकर इन दोनों विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है यानी कि बीजेपी किसी कांग्रेस विधायक से भी सीएम के लिए सीट खाली करवा सकती है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के लिए यदि किसी कांग्रेस विधायक से सीट छुड़वाने में बीजेपी सफल रही तो उत्तराखंड के इतिहास में ऐसा तीसरी बार होगा। 2007 में जब बीजेपी की सरकार बनी और रिटायर्ड मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी को सीएम बनाया गया, तब पहली बार धुमाकोट से कांग्रेस विधायक लेफ्टिनेंट जनरल टीपीएस रावत ने भुवन चंद खंडूरी के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी। 2012 में कांग्रेस सरकार में विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री बने, तो सितारगंज से बीजेपी विधायक किरण मंडल ने बहुगुणा के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी।

बहरहाल इस सवाल का जवाब हर कोई जानना चाहता है कि सल्ट विधानसभा चुनाव से बीजेपी किसे मैदान में उतारती है औऱ सीएम तीरथ सिंह रावत किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। फिलहाल इसका फैसला बीजेपी हाईकमान को करना है।

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