दुनिया के टॉप 100 टेक चेंजमेकर्स में चुने गए KooApp (कू ऐप) के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण

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दुनिया के टॉप 100 टेक चेंजमेकर्स में चुने गए KooApp (कू ऐप) के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण

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राष्ट्रीय, 13 मई 2022: कू ऐप (Koo App) के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण को अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी पत्रकारिता संगठन रेस्ट ऑफ वर्ल्ड (RoW) द्वारा शीर्ष 100 सबसे प्रभावशाली तकनीकी नेताओं में मान्यता दी गई है।


दुनिया के टॉप 100 टेक चेंजमेकर्स में चुने गए KooApp (कू ऐप) के सह-संस्थापक  और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण


•    अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था रेस्ट ऑफ़ वर्ल्ड द्वारा लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाले एक इनोवेटर के रूप में दी गई मान्यता 
•    रेस्ट ऑफ वर्ल्ड के 100 सबसे प्रभावशाली वैश्विक तकनीकी नेताओं और इनोवेटर्स में किया गया शामिल

राष्ट्रीय, 13 मई 2022: कू ऐप (Koo App) के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण को अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी पत्रकारिता संगठन रेस्ट ऑफ वर्ल्ड (RoW) द्वारा शीर्ष 100 सबसे प्रभावशाली तकनीकी नेताओं में मान्यता दी गई है।
 

स्थानीय भाषाओं में ऑनलाइन अभिव्यक्ति का अधिकार देना कू ऐप का मूल मकसद है और इससे लाखों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके चलते कू ऐप को वास्तविक दुनिया की समस्या को हल करने वाले एक अभिनव और जबर्दस्त समाधान के रूप में मान्यता दी गई है। कू ऐप के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण को RoW द्वारा दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तित्वों में से एक के रूप में मान्यता दी गई है, जो अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना करते हुए उन समुदायों के लिए उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं जिन्हें वे सबसे अच्छी तरह जानते हैं।

भारत में जहां सिर्फ 10 प्रतिशत लोग अंग्रेजी बोलते हैं, कू ऐप को इंटरनेट यूजर्स को सशक्त बनाने के लिए निर्मित किया गया था ताकि वे स्थानीय भाषाओं में खुद को व्यक्त करें और अपने स्थानीय समुदायों को खोजने के साथ बातचीत कर सकें। 

वास्तव में कू ऐप के अप्रमेय राधाकृष्ण भारत के एकमात्र उद्यमी हैं जिन्हें RoW100: ग्लोबल टेक्स चेंजमेकर्स- की ‘संस्कृति और सोशल मीडिया' श्रेणी में शामिल किया गया है। RoW100: ग्लोबल टेक्स चेंजमेकर्स- पश्चिमी देशों के बाहर सक्रिय उद्यमियों, इनोवेटर्स और निवेशकों को आगे लाता है, जिनका उत्कृष्ट योगदान दुनिया भर में समुदायों को बदल रहा है। 

कू ऐप के सह-संस्थापक और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण ने कहा, “हम RoW100: ग्लोबल टेक्स चेंजमेकर्स के बीच शामिल किए जाने पर उत्साहित और गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं, जो अनोखे और सफल समाधानों के माध्यम से लाखों लोगों का जीवन बदलने वाले दुनियाभर के सबसे शानदार उद्यमियों और दूरदर्शी लोगों को पेश करता है। रेस्ट ऑफ़ वर्ल्ड जैसे प्रतिष्ठित संगठन द्वारा मान्यता दिया जाना वास्तव में हमारे लिए एक सम्मान की बात है। हमने भाषा-आधारित माइक्रो-ब्लॉगिंग में एक अंतर पाया और एक ऐसा समाधान तैयार किया जो एक बेहतर और बहु-भाषा का व्यापक अनुभव प्रदान करता है। स्थानीय भाषाओं में आत्म-अभिव्यक्ति की जरूरत भारत के लिए कोई अनोखी बात नहीं है, बल्कि एक वैश्विक चुनौती है, क्योंकि दुनिया के 80% लोग अंग्रेजी के अलावा कोई अन्य भाषा बोलते हैं। हमारा समाधान विश्व स्तर पर ले जाने वाला और दुनिया भर के बाजारों के लिए प्रासंगिक है। हम स्वतंत्र इंटरनेट पर भाषा के अंतर को पाटने, भाषाई संस्कृतियों के लोगों को जोड़ने और अपने भारत में निर्मित उत्पाद को दुनिया के बाकी हिस्सों में ले जाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”
 

Koo के बारे में
Koo App की लॉन्चिंग मार्च 2020 में भारतीय भाषाओं के एक बहुभाषी, माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के रूप में की गई थी, ताकि भारतीयों को अपनी मातृभाषा में अभिव्यक्ति करने में सक्षम किया जा सके। कू ऐप ने भाषा-आधारित माइक्रो-ब्लॉगिंग में नया बदलाव किया है। Koo App फिलहाल हिंदी, मराठी, गुजराती, पंजाबी, कन्नड़, तमिल, तेलुगू, असमिया, बंगाली और अंग्रेजी समेत 10 भाषाओं में उपलब्ध है। Koo App भारतीयों को अपनी पसंद की भाषा में विचारों को साझा करने और स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्ति के लिए सशक्त बनाकर उनकी आवाज को लोकतांत्रिक बनाता है। मंच की एक अद्भुत विशेषता अनुवाद की है जो मूल टेक्स्ट से जुड़े संदर्भ और भाव को बनाए रखते हुए यूजर्स को रीयल टाइम में कई भाषाओं में अनुवाद कर अपना संदेश भेजने में सक्षम बनाती है, जो यूजर्स की पहुंच को बढ़ाता है और प्लेटफ़ॉर्म पर सक्रियता तेज़ करता है। प्लेटफॉर्म 3 करोड़ डाउनलोड का मील का पत्थर छू चुका है और राजनीति, खेल, मीडिया, मनोरंजन, आध्यात्मिकता, कला और संस्कृति के 7,000 से ज्यादा प्रतिष्ठित व्यक्ति अपनी मूल भाषा में दर्शकों से जुड़ने के लिए सक्रिय रूप से मंच का लाभ उठाते हैं।