उत्तराखंड | सल्ट विधानसभा उपचुनाव, आसान नहीं बीजेपी की राह, कांग्रेस ने इन्हें मैदान में उतारा

दोनों ही पार्टियों ने नामांकन की आखिरी तारीख 30 मार्च से एक दिन पहले अपने-अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। सल्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान 17 अप्रैल को होगा।
 
उत्तराखंड | सल्ट विधानसभा उपचुनाव, आसान नहीं बीजेपी की राह, कांग्रेस ने इन्हें मैदान में उतारा
सल्ट (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड की सल्ट विधानसभा सीट से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने होली के दिन अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। भाजपा में दिवंगत विधायक सुरेंद्र जीना के भाई महेश जीना को अपना उम्मीदवार बनाया है तो कांग्रेस ने गंगा पंचोली पर दांव खेला है। गंगा पंचोली को हराकर ही सुरेंद्र जीना 2017 में यहां से विधायक बने थे।

आपको बता दें कि सल्ट सीट भाजपा के ही खाते में थी और यहां से सुरेंद्र सिंह जीना विधायक थे। बीते दिनों बीमारी के चलते उनकी मौत होने से ये सीट खाली चल रही है। हालांकि ये पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि राज्य में अब तक हुए अन्य उपचुनाव की तरह इस बार भी सहानुभूति का दांव खेलेगी।

दोनों ही पार्टियों ने नामांकन की आखिरी तारीख 30 मार्च से एक दिन पहले अपने-अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। सल्ट विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान 17 अप्रैल को होगा।

 

2017 में क्या हुआ था ?  इस सीट से गंगा 2017 में भी कांग्रेस की प्रत्याशी थी। उन्होंने भाजपा प्रतयाशी को कड़ी टक्कर दी थी और करीब 3000 वोटों के अंतर से चुनाव हारीं थीं। सुरेंद्र जीना को तब 21,581 वोट मिले थे, जबकि गंगा पंचोली ने 18671 वोट लिए थे। वह 2904 वोटों से चुनाव हार गई थीं।

सल्ट उपचुनाव को 2022 विधानसभा का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के कार्यकाल के यह पहला उपचुनाव है। इसलिए इसे उनकी परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है।

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