बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी: SIT ने तलब किया 3 साल का रिकॉर्ड, मंदिर समिति के कर्मचारियों में मचा हड़कंप!
धाम में केवल पिछले डेढ़ महीने (45 दिन) का ही सीसीटीवी बैकअप सुरक्षित रहता है। ऐसे में पुराना डेटा रिकवर करने के लिए एसआईटी को डीवीआर (DVR) की बारीकी से फोरेंसिक जांच करनी होगी।
चमोली (Uttarakhand Post): बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। हालांकि, शुरुआत में केवल निलंबित वैयक्तिक सहायक (Personal Assistant) प्रमोद नौटियाल के खिलाफ ही गबन का मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, मंदिर समिति के कुछ अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता का भी गहरा शक होने लगा है।
इस पूरे घोटाले के पर्दाफाश के लिए शासन और प्रशासन की ओर से तीन स्तरों पर समानांतर जांच चलाई जा रही है:
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विभागीय जांच: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा आंतरिक जांच।
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आपराधिक जांच: पुलिस प्रशासन द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की कार्रवाई।
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व्यवस्थागत जांच: गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता में बनाई गई उच्चस्तरीय समिति।
जांच के मुख्य बिंदु और चुनौतियां
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SIT की पूछताछ और सीसीटीवी का संकट: एसआईटी ने शुक्रवार को उन कर्मचारियों के बयान दर्ज किए, जिनकी ड्यूटी 2 जुलाई को चढ़ावे की गणना (कैश काउंटिंग) में लगी थी। जांच में एक बड़ी तकनीकी चुनौती सामने आई है। धाम में केवल पिछले डेढ़ महीने (45 दिन) का ही सीसीटीवी बैकअप सुरक्षित रहता है। ऐसे में पुराना डेटा रिकवर करने के लिए एसआईटी को डीवीआर (DVR) की बारीकी से फोरेंसिक जांच करनी होगी।
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वीआईपी दर्शन और अन्य अनियमितताएं: यह पूरा मामला तब सामने आया था जब आरोपी प्रमोद नौटियाल का एक वीडियो फुटेज मिला, जिसमें वह चालाकी से अपने मोबाइल फोन के नीचे नोटों की गड्डियां छिपाकर ले जाते हुए दिखे। इस खुलासे के बाद अब धाम में 'वीआईपी सुगम दर्शन' और अन्य व्यवस्थाओं में हो रही आर्थिक धांधलियों की भी फाइलें खोली जा रही हैं।
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3 साल का रिकॉर्ड तलब: एसआईटी के प्रभारी व पुलिस उपाधीक्षक (DSP) मदन बिष्ट ने मंदिर समिति से पिछले तीन सालों का चढ़ावा और कर्मचारियों की ड्यूटी का पूरा रिकॉर्ड मांग लिया है। तीन साल का ब्योरा तलब होने के बाद से ही मंदिर समिति के कर्मचारियों में हड़कंप का माहौल है।
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मुख्य आरोपी फरार, मौसम का व्यवधान: एसआईटी प्रभारी ने बताया कि आरोपी प्रमोद नौटियाल का मोबाइल फिलहाल बंद है और उसके बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं। वहीं दूसरी ओर, खराब मौसम के चलते गढ़वाल कमिश्नर की अगुआई वाली उच्चस्तरीय जांच टीम शुक्रवार को बदरीनाथ धाम नहीं पहुंच सकी।
आरोपी ने ली हाई कोर्ट की शरण
अधिकारियों द्वारा किए गए निलंबन और पुलिस में दर्ज एफआईआर (FIR) को रद्द कराने की मांग को लेकर आरोपी प्रमोद नौटियाल ने उत्तराखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने इस मामले की सुनवाई की। हाई कोर्ट ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) को इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई अब 16 जुलाई को होगी।
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