हल्द्वानी | मेडिकल स्टोर्स पर ताबड़तोड़ छापेमारी, लगी लताड़ तो भाग खड़े हुए डॉक्टर

नैनीताल जिले में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल के आदेशों के क्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा दर्जन भर मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई। इस कार्यवाही के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट भी मौजूद थी।
 
हल्द्वानी | मेडिकल स्टोर्स पर ताबड़तोड़ छापेमारी, लगी लताड़ तो भाग खड़े हुए डॉक्टर

हल्द्वानी (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। रविवार को प्रदेश भर में कोरोना के 4368 मामले सामने आए। इसी के साथ प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 151801 पहुंच गई है। वहीं 44 संक्रमित मरीजों की मौत हुई।

नैनीताल जिले में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल के आदेशों के क्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा दर्जन भर मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की गई। इस कार्यवाही के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी बिष्ट भी मौजूद थी।

छापेमारी की कार्यवाही सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, उपजिलाधिकारी अनुराग आर्य तहसीलदार नितेश डांगर ने संयुक्त रूप से थी। प्रशासानिक अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन तथा ट्रांसर्पोटनगर में वेल्डिंग की दुकानों पर प्रयोग हो रहे अनाधिकृत 54 ऑक्सीजन गैस सिलेंडर जप्त किये। इनका व्यवसायिक प्रयोग किया जा रहा था।

सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच के दौरान एक डॉक्टर जिनका ऑक्सीजन लेवल 96 था वह भी ऑॅक्सीजन सिलेंडर खरीद रहे थे जब अधिकारियों ने कहा कि जब आपको ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत नहीं है तो आप सिलेंडर क्यूं ले रहे है। इस पर उन्होंने तर्क दिया यदि ऑक्सीजन लेवल घट गया तो यह काम आयेगा। इस पर जब अधिकारियों ने उनकी लताड लगाई तो वह भाग खडे हुए।

ऑक्सीजन गैस सप्लायर अग्रवाल डिस्ट्रिीबूटर ऑक्सीजन हाउस तथा बाला जी ऑक्सीजन सप्लायर ने बताया गया कि जो लोग सिलेंडर ले जा रहे वह तीन दिन की निर्धारित अवधि पर वापस नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों ने गैस सप्लायर्स को निर्देश दिये वे वह गैस सिलेंडर, डाक्टर का पर्चा, कोविड रिर्पोट तथा आधार कार्ड देने पर ही ईशू करें तथा ले जाने वाले को यह हिदायत दें कि तीन दिन के भीतर खाली या भरा सिलेंडर वापस करें अयथा की दशा में उसकी जानकारी प्रशासन को दें ताकि ऐसे लोगो के विरूद्ध कार्यवाही अमल में लाई जा सके।

अधिकारियों की टीम ने सुशीला तिवारी अस्पताल के पास लगभग आधा दर्जन मेडिकल स्टोरों में छापेमारी की। जहां पता चला कि लोग एक-एक महीने के लिए पैरासिटामोल खरीद रहे है। ऐसी बिक्री को कोई भी स्टॉक देखने को नहीं मिला। सिटी मजिस्ट्रेट ने मेडिकल संचालकों को हिदायत दे कि जो लोग पैरासिटामोल या अन्य दवाई खरीद रहें है उनका पूरा विवरण पता व मोबाईल नम्बर सहित रजिस्टर में अकंन करें तथा दिये जाने वाले दवाई के लिए डॉक्टर का पर्चा अनिवार्य रूप से देखें है। थोक में दवाईएं न दी जाये। सिंह ने हिदायत दी की ओवर रेट न की जाये क्रेताओं को बिल अवश्य दिया जाये। उन्होंने कहा कि मेडिकल स्टोर से ओवर रेट या दवाईयां के उच्चे दामों पर बिक्री की सूचना मिलती है तो आपदा प्रबन्धन एक्ट के तहत कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जायेगी।

From around the web