हल्द्वानी में दर्दनाक हादसा: तीन नाबालिगों की मौत, परिवार में मचा कोहराम
हल्द्वानी (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड के हल्द्वानी में तीनपानी फ्लाईओवर पर हुए भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं।
तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई और डिवाइडर से जा टकराई। हादसे में तीन नाबालिगों की मौत हो गई, जबकि कार सवार एक 16 वर्षीय युवती गंभीर रूप से घायल है। उसका अस्पताल में उपचार जारी है। तीनों मृतक दोस्त थे और इंजीनियर बनने का सपना देख रहे थे।
तेज रफ्तार कार पलटी, डिवाइडर से टकराई
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार, 23 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:25 बजे फोर्ड फिगो कार बाईपास रोड पर गोलापुल की ओर से लालकुआं की तरफ जा रही थी। तीनपानी फ्लाईओवर पर चालक ने तेज रफ्तार में दूसरी कार को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित हो गया और कई बार पलटने के बाद डिवाइडर से टकरा गया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में उत्कर्ष और सिद्धांत की शुक्रवार को मौत
इस दुर्घटना में उत्कर्ष धपोला (16) और सिद्धांत पाठक (16) की शुक्रवार को ही मौत हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल प्रांजल मावड़ी (17) ने शनिवार को उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। कार में सवार भाविका (16) गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज जारी है।
तीनों किशोरों की मौत से उनके परिवारों में मातम पसरा है। जिस उम्र में वे अपने भविष्य को संवारने की तैयारी कर रहे थे, उस उम्र में उनकी जिंदगी खत्म हो गई।
जेईई की तैयारी कर रहे थे तीनों दोस्त
उत्कर्ष धपोला और सिद्धांत पाठक साथ में कोचिंग करते थे। दोनों जेईई परीक्षा पास कर इंजीनियर बनने का सपना देख रहे थे। इसी दौरान उनकी दोस्ती प्रांजल मावड़ी और भाविका से हुई। चारों के बीच अच्छी दोस्ती थी और भविष्य को लेकर कई उम्मीदें थीं।
हादसे से पहले सिद्धांत अपनी मां पुष्पलता पाठक से यह कहकर घर से निकला था कि वह अपने करीबी दोस्त उत्कर्ष से मिलने जा रहा है। परिवार को क्या पता था कि घर से निकला बेटा फिर कभी वापस नहीं लौटेगा।
बेटे के बेहतर भविष्य के लिए हल्द्वानी आया था परिवार
उत्कर्ष के पिता शैलेंद्र ने हाल ही में नई कार खरीदी थी। परिवार करीब एक साल पहले बागेश्वर से हल्द्वानी आया था, ताकि बेटे को बेहतर भविष्य के अवसर मिल सकें। लेकिन इस हादसे ने परिवार के सपनों को हमेशा के लिए तोड़ दिया।
वहीं, प्रांजल मावड़ी के पिता भीमताल में प्रोफेसर हैं और उसका बड़ा भाई एयरफोर्स में देश की सेवा कर रहा है। परिवार को प्रांजल से भी काफी उम्मीदें थीं। सिद्धांत के घर में भी अब उसकी यादें ही शेष रह गई हैं।
एसएसपी ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल
हादसे के बाद एसएसपी अस्पताल पहुंचे और घायलों के स्वास्थ्य तथा उपचार की जानकारी ली। पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया तेज रफ्तार में ओवरटेक करने के दौरान चालक का वाहन से नियंत्रण खोना दुर्घटना की वजह बताया जा रहा है। मामले में पुलिस वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
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