पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम का शुभारंभ, सीएम धामी बोले- देश-दुनिया का मार्गदर्शन करेंगे विद्यार्थी
हरिद्वार(उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित दूरस्थ गांव औरंगाबाद में पतंजलि योगपीठ द्वारा स्थापित पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी विशिष्ट अतिथि और उत्तराखंड के आयुष मंत्री मदन कौशिक अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर योगगुरु स्वामी रामदेव भी मौजूद रहे।
आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार सहित पूरा उत्तराखंड योग, आयुर्वेद और अध्यात्म की भूमि है। उन्होंने कहा कि स्वामी रामदेव के प्रयासों से आयुर्वेद की शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई है। सीएम धामी के मुताबिक, गुरुकुलम में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय प्राचीन परंपराओं और नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भविष्य की विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होंगे और भारत के साथ-साथ दुनिया का मार्गदर्शन करने में भूमिका निभाएंगे।
पहले चरण में 60 विद्यार्थी लेंगे प्रवेश
योगगुरु स्वामी रामदेव ने बताया कि पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम में इस वर्ष 60 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करेंगे, जबकि अगले वर्ष से यह संख्या बढ़ाकर 120 की जाएगी। भविष्य में यहां करीब 1,000 विद्यार्थियों को शिक्षा देने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि दसवीं कक्षा के बाद संस्कृत की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी आगे चलकर आयुर्वेद में बीएएमएस की शिक्षा भी प्राप्त कर सकेंगे। स्वामी रामदेव ने गुरुकुलम की शुरुआत को आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताया।
स्वामी रामदेव का आयुर्वेद को लेकर बड़ा दावा
कार्यक्रम के दौरान स्वामी रामदेव ने आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद को लेकर अपनी राय भी रखी। उन्होंने कहा कि,
“निश्चित रूप से जहां मॉडर्न मेडिकल साइंस खत्म होता है, वहां से आयुर्वेद की शुरुआत होती है। आयुर्वेद से बीमारियां कंट्रोल नहीं क्योर होती हैं।” स्वामी रामदेव के इस बयान में आयुर्वेद की उपचार क्षमता को लेकर उनका दावा सामने आया है।
सीएम धामी को दिया देसी गाय का घी
कार्यक्रम के दौरान स्वामी रामदेव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पतंजलि द्वारा निर्मित देसी गाय का घी उपहार के रूप में दिया। उन्होंने कहा कि घी इसलिए दिया गया है ताकि इसकी शुद्धता की जांच कराई जा सके और लोगों को इसके बारे में जानकारी मिल सके। स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि बड़ी मात्रा में गाय का दूध एकत्र करता है और उससे दही, क्रीम, मक्खन, घी और छाछ सहित विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पतंजलि भविष्य में 5,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये प्रति लीटर तक की कीमत वाला सोने की भस्म से निर्मित घी बनाने की दिशा में काम करेगा।
उत्तराखंड में वेलनेस सेंटर बढ़ाने पर जोर
आयुष मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड सरकार योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में पतंजलि द्वारा स्थापित वेलनेस सेंटरों में बड़ी संख्या में लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का लाभ ले रहे हैं। मदन कौशिक ने उम्मीद जताई कि पतंजलि के सहयोग से उत्तराखंड के होटल और धर्मशालाओं के आसपास भी वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम से क्या उम्मीद?
पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम में पारंपरिक भारतीय ज्ञान, संस्कृत और आयुर्वेद की शिक्षा को आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था के साथ जोड़ने की योजना बताई गई है। संस्थान में विद्यार्थियों की संख्या आने वाले वर्षों में बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
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