कोरोना के इस आंकड़े ने डराया, देश में चौथे नंबर पर पहुंचा उत्तराखंड, इन राज्यों से भी भयावह है स्थिती

बीते 24 घंटे में राजधानी देहरादून में कोरोना का बहुत बड़ा विस्फोट हुआ है। 1915 केस राजधानी देहरादून में सामने आए है। इसके अलावा हरिद्वार में 856 केस सामने आए हैं। वहीं नैनीताल जिले में कोरोना के 999 नए केस मिले हैं। ऊधम सिंह नगर में 397 केस मिले हैं।

 
कोरोना के इस आंकड़े ने डराया, देश में चौथे नंबर पर पहुंचा उत्तराखंड, इन राज्यों से भी भयावह है स्थिती

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। शुक्रवार को प्रदेश भर में कोरोना के 5654 मामले सामने आए। इसी के साथ प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 186772 पहुंच गई है। वहीं 122 संक्रमित मरीजों की मौत हुई।

बीते 24 घंटे में राजधानी देहरादून में कोरोना का बहुत बड़ा विस्फोट हुआ है। 1915 केस राजधानी देहरादून में सामने आए है। इसके अलावा हरिद्वार में 856 केस सामने आए हैं। वहीं नैनीताल जिले में कोरोना के 999 नए केस मिले हैं। ऊधम सिंह नगर में 397 केस मिले हैं।

देश में जहां बीते 24 घंटे में पहली बार 4 लाख से ज्यादा नए केस मिले है तो वहीं उत्तराखंड में कोरोना के आंकड़े भयावह होते जा रहे है। आपको जानकर हैरानी होगी कि प्रति लाख जनसंख्या पर कोरोना संक्रमित मामलों के आधार पर उत्तराखंड दिल्ली से बहुत बहुत आगे है। आज की तारीख में प्रदेश में 48319 सक्रिय मामले हैं।

आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तराखंड में आज प्रति एक लाख आबादी पर 460 लोग संक्रमित हैं। इसकी तुलना में केवल महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल आगे हैं। केरल इस सूची में सबसे ऊपर है जहां एक लाख आबादी में 822 संक्रमित हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र में एक लाख पर 589 और कर्नाटक में एक लाख पर 502 सक्रिय संक्रमित हैं।

उतर प्रदेश में 151 सक्रिय मामले प्रति लाख, पंजाब में 180 सक्रिय मामले प्रति लाख, राजस्थान में 205 सक्रिय मामले प्रति लाख, बंगाल में 110 सक्रिय मामले प्रति लाख, मध्य प्रदेश में 108 सक्रिय मामले प्रति लाख, बिहार में 186 सक्रिय मामले प्रति लाख उल्लेखनीय हैं। जबकि पूरे देश में प्रति लाख आबादी पर 233 सक्रिय मामले हैं।

इन आंकड़ो में ध्यान देने वाली बात ये है कि उत्तराखंड में कोरोना की स्थिती पर कोई ध्यान नही दे रहा है। दिल्ली में लॉकडाउन लागू है, हरियाणा में वीकैंड लॉकडाउन लागू है। उत्तारखंड में कोरोना की स्थिती इन प्रदेशों से ज्यादा भयावह है। लेकिन उत्तराखंड को लेकर हर कोई यही सोच रहा है कि इस राज्य में कोरोना का खतरा कम है। आंकड़ों के मुताबिक जिन प्रदेशों में कोरोना को लेकर बहुत ज्यादा गंभीर हालात बताए जा रहे हैं वे दरअसल उत्तराखंड से बहुत पीछे हैं।

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