उत्तराखंड | कोरोना के खिलाफ जंग में सीएम तीरथ सिंह रावत का बहुत बड़ा फैसला

उत्तराखंड में बढते कोविड संक्रमण के देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्यहित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक के कोविड कार्यो को करवाने हेतु स्वीकृति दे दी है।
 
उत्तराखंड | कोरोना के खिलाफ जंग में सीएम तीरथ सिंह रावत का बहुत बड़ा फैसला

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में कोरोना के केस लागातार तेजी से बढ़ रहे है। पिछले 24 घंटे में उत्तराखंड में अब तक का सबसे बड़ा विस्फोट हुआ है। मंगलवार को प्रदेश भर में कोरोना के 5703 मामले सामने आए। इसी के साथ प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 162562 पहुंच गई है। वहीं 96 संक्रमित मरीजों की कोरोना से मौत हो गई। अब उत्तराखंड में एक्टिव केस की संख्या 43032 हो गयी है।

उत्तराखंड में बढते कोविड संक्रमण के देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने राज्यहित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक के कोविड कार्यो को करवाने हेतु स्वीकृति दे दी है।

मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद अब प्रदेश के सभी विधायकगण अपनी विधायक निधि से अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में कोविड रोकथाम सम्बंधी जरुरी व्यवस्थाओं पर एक करोड़ रुपए तक खर्च कर सकते हैं। वर्तमान में कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने सभी विधायकगणों से अपेक्षा की है, कि वे तत्काल अपने-अपने क्षेत्रों में कोविड की रोकथाम के लिए हर सम्भव प्रयास करेंगे और विशेषकर सूदूरवर्ती इलाकों में रह रहे लोगों को कोविड की जंग जीतने में मदद करेंगे।

सरकार के शासकीय प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के विधायक अपनी विधायक निधि से 1 करोड़ रुपए तक खर्चा कर सकते हैं जिसके जरिए आईसीयू वार्ड, आक्सीजन सिलेंडर, वेन्टीलेटर जैसी जरुरतों को पूरा करने के लिए विधायकगण, जिलाधिकारी और सीएमओ से विचार विमर्श करने के बाद जारी कर सकते हैं। शासकीय प्रवक्ता उनियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के इस निर्णय से सूदूरवर्ती गांवों के जो प्रथामिक केद्र एंव अन्य स्वास्थ्य केंद्र हैं, वहां भी वो सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी जो बडे अस्पतालों में कराई जा रही हैं। शासकीय प्रवक्ता श्री उनियाल ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि कोरोना के इस संकटकाल में इस निर्णय का फायदा निस्संदेह इस विषम भौगोलिक परस्थितियों वाले राज्य के दूरस्थ क्षेत्र के हर एक व्यक्ति को मिल सकेगा।

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