उत्तराखंड | सीएम तीरथ स‍िंह रावत के ल‍िए कांग्रेस व‍िधायक खाली करेगा सीट!

2007 में जब बीजेपी की सरकार बनी और रिटायर्ड मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी को सीएम बनाया गया, तब पहली बार धुमाकोट से कांग्रेस विधायक लेफ्टिनेंट जनरल टीपीएस रावत ने भुवन चंद खंडूरी के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी। 2012 में कांग्रेस सरकार में विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री बने, तो सितारगंज से बीजेपी विधायक किरण मंडल ने बहुगुणा के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी।
 
उत्तराखंड | सीएम तीरथ स‍िंह रावत के ल‍िए कांग्रेस व‍िधायक खाली करेगा सीट!

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में सल्ट विधानसभा उपचुनाव की लेकर राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। बीजेपी ने बकायदा एक तीन सदस्य पैनल सल्ट भेजा था। ये समिति बीजेपी की राज्य चुनाव संचालन समिति को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। वहीं बीजेपी ने शनिवार को पार्टी कोर ग्रुप की मीटिंग बुलाई है।

ये मीटिंग इसलिए खास है क्योंकि मीटिंग में पैनल द्वारा सल्ट विधानसभा उपचुनाव के लिए सुझाए गए प्रत्याशियों के नाम पर चर्चा होगी और किसी एक नाम पर सहमति के बाद इसे हरी झंडी के लिए बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया जाएगा।

इसका मतलब बीजेपी शनिवार शाम को सल्ट विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है। बता दें कि सल्ट विधानसभा उपचुनाव के लिए 23 मार्च से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

सल्ट विधानसभा उपचुनाव के साथ ही बीजेपी में ये भी मंथन शुरु हो गया है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे ? आपको ध्यान होगा कि बीते दिनों बीजेपी के बद्रीनाथ से विधायक महेंद्र भट ने बयान दिया था कि वे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के लिए अपनी सीट छोड़ सकते हैं। साथ ही भट्ट ने ये भी कहा था कि कांग्रेस का कोई विधायक भी सीएम तीरथ के लिए अपनी सीट छोड़ सकता है।

वहीं कोटद्वार से विधायक और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भी मुख्यमंत्री के लिए सीट छोड़ने की इच्छा जताई है। हरक का कहना है कि अब लोकसभा में जाना चाहते हैं मतलब हरक सिंह रावत अगर सीट छोड़ते हैं तो वो तीरथ सिंह रावत की पौड़ी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहेंगे।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का कहना है कि मुख्यमंत्री के चुनाव लड़ने को लेकर इन दोनों विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है यानी कि बीजेपी किसी कांग्रेस विधायक से भी सीएम के लिए सीट खाली करवा सकती है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के लिए यदि किसी कांग्रेस विधायक से सीट छुड़वाने में बीजेपी सफल रही तो उत्तराखंड के इतिहास में ऐसा तीसरी बार होगा। 2007 में जब बीजेपी की सरकार बनी और रिटायर्ड मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी को सीएम बनाया गया, तब पहली बार धुमाकोट से कांग्रेस विधायक लेफ्टिनेंट जनरल टीपीएस रावत ने भुवन चंद खंडूरी के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी। 2012 में कांग्रेस सरकार में विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री बने, तो सितारगंज से बीजेपी विधायक किरण मंडल ने बहुगुणा के लिए अपनी सीट छोड़ दी थी।

बहरहाल इस सवाल का जवाब हर कोई जानना चाहतै है कि सल्ट विधानसभा चुनाव से बीजेपी किसे मैदान में उतारती है औऱ सीएम तीरथ सिंह रावत किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। फिलहाल इसका फैसला बीजेपी हाईकमान को करना है।

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