आंकड़े बताते हैं उत्तराखंड में सिर्फ इतने फीसदी वोट से ही हो जाता है खेल !

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। ऐसे में सबको बेसब्री से 11 मार्च का इंतजार है, जब ईवीएम खुलेगी और राज्य की जनता का फैसला सबके सामने आएगा। अब ख़बरें एक क्लिक पर इस लिंक पर क्लिक कर Download
 
आंकड़े बताते हैं उत्तराखंड में सिर्फ इतने फीसदी वोट से ही हो जाता है खेल !

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। ऐसे में सबको बेसब्री से 11 मार्च का इंतजार है, जब ईवीएम खुलेगी और राज्य की जनता का फैसला सबके सामने आएगा। अब ख़बरें एक क्लिक पर इस लिंक पर क्लिक कर Download करें Mobile App –https://play.google.com/store/apps/details?id=app.uttarakhandpost

चुनावी नतीजों में अभी वक्त है। बात करें राज्य गठन के बाद से हुए पिछले तीन विधानसभा चुनाव की तो आंकड़ें बताते हैं कि उत्तराखंड में हर बार मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहा है। खास बात ये है कि जीतने वाले और हारने वाले की बीच वोट फीसदी का अंतर आधा फीसदी से ढ़ाई फीसदी के बीच ही रहा है। जो जाहिर करता है कि हर बार मुकाबला कांटे का ही हुआ है। पिछले चुनाव के आंकड़े इस बात की तसदीक भी करते हैं। इस बार भी राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच ही कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है।

आंकड़े बताते हैं उत्तराखंड में सिर्फ इतने फीसदी वोट से ही हो जाता है खेल !

2012 विधानसभा चुनाव के नतीजे | 2012 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी था। कांग्रेस को 34.03 फीसदी वोट मिले थे तो दूसरे नंबर पर रहने वाली भारतीय जनता पार्टी को 33.38 फीसदी वोट मिले थे। दोनों ही पार्टियों के बीच जीत का फासला महज 0.65 फीसदी वोट का ही था। हालांकि पूर्ण बहुमत दोनों में से किसी भी पार्टी को नहीं मिला था लेकिन कांग्रेस ने पीडीएफ के सहयोग से सरकार बनाने में सफलता पाई। कांग्रेस को 70 में से 32 सीटों पर जीत हासिल हुई था तो भाजपा को कांग्रेस से एक सीट कम 31 सीटों पर विजय मिली थी। भाजपा और कांग्रेस के बीच सिर्फ एक सीट का अंतर था और वोट फीसदी का अंतर करीब आधा फीसद ही था।

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2007 विधानसभा चुनाव के नतीजे | 2007 में राज्य में भाजपा की सरकार बनी थी। भाजपा को 31.90 फीसदी वोट मिले थे तो दूसरे नंबर पर रहने वाली कांग्रेस को 29.59 फीसदी वोट मिले थे। दोनों ही पार्टियों के बीच जीत का फासला महज 2.31 फीसदी वोट का ही था। हालांकि भाजपा पूर्ण बहुमत से दो सीटें पीछे रह गई थी लेकिन सरकार बनाने में कामयाब रही। भाजपा ने 34 सीटें जीती तो कांग्रेस 21 सीट ही जीत पाई थी। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर तो 13 था लेकिन वोट फीसदी के मामले में ये अंतर महज 2.31 ही था।

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2002 विधानसभा चुनाव के नतीजे | 2002 में राज्य में कांग्रेस की सरकार बनी था। कांग्रेस को 26.91 फीसदी वोट मिले थे तो दूसरे नंबर पर रहने वाली भारतीय जनता पार्टी को 25.81 फीसदी वोट मिले थे। दोनों ही पार्टियों के बीच जीत का फासला महज 1.1 फीसदी वोट का ही था। कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत हासिल करते हुए 70 में से 36 सीटों पर जीत हासिल की थी तो भाजपा 19 सीट ही जीत पाई थी। भाजपा और कांग्रेस के बीच सीटों का अंतर तो 17 था लेकिन वोट फीसदी के मामले में ये अंतर महज 1.1 ही था।

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खास बात ये है कि 2014 के आम चुनाव में राज्य की पांचों लोकसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की थी और 55.93 फीसदी वोट हासिल किए थे।

बहरहाल आंकड़े बताते हैं कि राज्य के दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच वोट प्रतिशत का अंतार बेहद मामूली रहा है, जिसकी वजह है कई सीटों पर इन दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों के बीच होने वाला कड़ा मुकाबला, जहां पर जीत का अंतर मामूली रहता है, इन कड़े मुकाबले वाली सीटों पर जो जीत हासिल करता है वहीं सरकार बनाने में कामयाब रहता है। ऐसे में देखना ये होगा कि इस बार जब बड़ी तादाद में दोनों ही पार्टियों के बागी भी मैदान में हैं तो कौन बाजी मारता है। अब ख़बरें एक क्लिक पर इस लिंक पर क्लिक कर Download करें Mobile App –https://play.google.com/store/apps/details?id=app.uttarakhandpost

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