Man Vs Wild में पीएम मोदी ने खोले अपने ये राज, बेयर ग्रिल्स भी रह गए हैरान

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देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) डिस्कवरी चैनल के प्रसिद्ध टीवी शो मैन वर्सेज वाइल्ड का उत्तराखंड के कार्बेट पार्क में प्रधानमंत्री मोदी के साथ शूट हुआ एपिसोड सोमवार (12 अगस्त 2019) को प्रसारित किया गया।

इस दौरान पीएम मोदी ने अपनी जिंदगी से जुड़े कई अहम किस्सों के बारे में बताया। पीएम मोदी ने प्रकृति और हिमालय से अपने लगाव के बारे में भी बताया।

इस एपिसोड के होस्ट बेयर ग्रिल्स बताते हैं कि यह उनका पहला भारत दौरा नहीं है। जिम कॉर्बेट पार्क के बारे में पीएम बताते हैं कि यहां पहाड़, प्रकृति, नदी और तालाब शानदार है।

पीएम मोदी ने कहा कि प्रकृति से संघर्ष करते हैं तो यह खतरनाक होता है, लेकिन हम प्रकृति से संतुलन बना लेते हैं तो वह भी हमारी मदद करती है। पीएम मोदी और ग्रिल्स की चर्चा के दौरान वहां से एक हाथी गुजरता है तो मोदी ग्रिल्स का ध्यान उस तरफ आकर्षित करते हैं। पीएम ने ग्रिल्स के चर्चा के दौरान अपनी शुरुआती जिंदगी के बारे में बताया।

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पीएम ने कहा, ‘हम छोटे थे तो साबुन के पैसे नहीं होते थे। सर्दियों में जब ओस की बूंद का इस्तेमाल साबुन की जगह करते थे। यह प्रकृति के साथ हमारा सामंजस्य था।’ पीएम ने कहा कि मैं स्कूल के बाद अपने पिता के साथ उनकी मदद करता था। उन्होंने कहा कि वह रेलवे स्टेशन पर लोगों को चाय पिलाते थे।

इस दौरान ग्रिल्स टाइगर के होने की चिंता जताते हैं। इस पर पीएम कहते हैं कि यह टाइगर का ही इलाका है। ग्रिल्स एक लकड़ी और चाकू की मदद से अपनी सुरक्षा के लिए एक हथियार तैयार करते हैं। ग्रिल्स ने कहा, आप (पीएम मोदी) देश के महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं। आपकी सुरक्षा मेरी प्राथमिकता है। इस पर पीएम ने कहा कि ईश्वर पर भरोसा करें, वह सबकी मदद करते हैं।

जब ग्रिल्स ने पीएम मोदी को चाकू से बनाया हुआ हथियार बनाकर पीएम मोदी को दिया और कहा कि यह आपकी सुरक्षा के लिए है, इस पर मोदी ने कहा, ‘किसी को मारना मेरे संस्कार में नहीं है, लेकिन आपकी सुरक्षा के लिए इसे में अपने पास रख लेता हूं।’

ग्रिल्स ने मोदी से उनकी जिंदगी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि करीब 13 साल एक राज्य का सीएम था। इसके बाद देश की जनता ने पीएम बना दिया। यदि आप इसे कोई वेकेशन कहें तो यह 18 साल में मेरा पहला वेकेशन है।

पीएम ने कहा कि प्रकृति से कभी डर नहीं होना चाहिए। जब मैं छोटा था, हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन हमारे पिता जी कुछ पोस्टकार्ड लेकर आते थे और रिश्तेदारों को बारिश की खबर देते थे। अब हमें समझ आता है कि बारिश की खबर देकर उन्हें संतोष होता था।

पीएम ने कहा, ‘मेरी दादी जी पढ़ी लिखी नहीं थी। मेरे चाचा ने सोचा कि चूल्हा जलाने की लकड़ी का व्यापार करते हैं। इस पर मेरी दादी ने नाराजगी जताई कि भूखे मर जाएंगे, लेकिन लकड़ी नहीं बेचेंगे। इसमें जीवन है। प्रकृति के साथ जुड़ाव मुझे संस्कार में मिले।’

ग्रिल्स ने पीएम से पूछा कि क्या आप कभी नर्वस नहीं होते हैं? इस पर पीएम ने कहा, ‘मुझे समझ नहीं आता कि नर्वस होना क्या होता है। मैं हर चीज में उम्मीद देखता हूं। युवाओं को कहना चाहता हूं कि हम जिंदगी को टुकड़ों में न सोचें। जीवन को पूर्णतया में देखें। आगे के पड़ाव मिलते जाएंगे।’

ग्रिल्स ने कहा कि इस तरह की नाव में बैठने वाले आप शायद पहले पीएम होंगे। इस पर पीएम कहते हैं कि उनका बचपन इसी तरह से प्रकृति के साथ समन्वय करते हुए बीता है।

ग्रिल्स पीएम के साथ पेड़-पौधों पर चर्चा शुरू करते हैं। इस पर पीएम ने कहा, ‘भारत में हर पौधे के भगवान माना जाता है। भारत में साल में एक बार तुलसी की भगवान से शादी करते हैं और उसे परिवार का हिस्सा बनाते हैं। हम अपने मजे के लिए प्रकृति का दोहन करते हैं। यहां से समस्या शुरू होती है।’

ग्रिल्स ने पीएम से पूछा कि अगर आप युवाओं को कुछ संदेश देना चाहते हैं कि तो वह क्या होगा? इस पर पीएम कहते हैं, ‘प्रकृति के साथ प्रेम करके कैसे जीना, प्रकृति से कुछ भी लेते हैं तो सोचें कि 50 साल बाद जो बच्चा होगा वो पूछेगा कि मेरे हक की हवा क्यों खराब कर रहे हो। मैं शाकाहारी हूं, प्राणी के लिए प्रकृति का महत्व मुझे पता है।’

कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे आपके साथ और प्रकृति के साथ बिताने का अच्छा मौका मिला। मुझे उम्मीद है कि जब लोग इसे देखेंगे तो उनका भारत आने का मन होगा। यह भारत के टूरिजम के लिए भी अच्छा होगा।’

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