ऐपण | खास है उत्तराखंड की यह लोक कला

उत्तराखंड में कई लोक परंपरा मौजूद है। उसी में से एक है ऐपण। आज भी गांव के हर घर की चौखट, पूजाघर और दीवार पर आपको ऐपण की खूबसूरत डिजाइन दिखेगी। उत्तराखंड के लोग ऐपण को बेहद शुभ मानते हैं। घर में शादी हो और औरतें ऐपण ना बनाएं ये नहीं हो सकता। इसके अलावा
 

उत्तराखंड में कई लोक परंपरा मौजूद है। उसी में से एक है ऐपण। आज भी गांव के हर घर की चौखट, पूजाघर और दीवार पर आपको ऐपण की खूबसूरत डिजाइन दिखेगी। उत्तराखंड के लोग ऐपण को बेहद शुभ मानते हैं। घर में शादी हो और औरतें ऐपण ना बनाएं ये नहीं हो सकता। इसके अलावा दिवाली और अन्य त्यौहारों पर भी महिलाएं घर में ऐपण बनाती हैं।

उत्तराखंड में शुभ अवसरों पर बनाई जाने वाली रंगोली को ऐपण कहा जाता है। ऐपण में कई तरह की डिजाइन देखने को मिलती है। जिसमें चौखाने, चौपड़, चांद, सूरज, स्वस्तिक, गणेश, फूल-पत्ती और बसंत्धारे प्रमुख है। ऐपण के कुछ डिजाइन अवसरों के अनुसार भी होते हैं, जैसे शादियों के खास ऐपण।

ऐपण बनने के लिए गेरू तथा चावल के विस्वार का प्रयोग किया जाता है। गांव की महिलाएं आज भी विस्वार घर पर ही तैयार करती हैं। आप चाहें तो ऐपण के रेडीमेड स्टीकर भी बाज़ार से खरीद सकते हैं। ये आसानी से मार्केट में उपलब्ध हैं। हालांकि हाथ से बने ऐपण का मुकाबला ये स्टीकर शायद ही कभी कर पाएं।

बदलते ज़माने में युवा इस कला को भूलते जा रहे हैं। इसी बीच कई स्वयंसेवी संस्थाएं भी सामने आई हैं जो लोगों को प्रशिक्षित कर ऐपण कला सिखा रही हैं।

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