चारधाम में VIP और VVIP दर्शन पर प्रतिबंध, CM धामी ने कही ये बात

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चारधाम में VIP और VVIP दर्शन पर प्रतिबंध, CM धामी ने कही ये बात

Chardham Yatra

चार धाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का उत्तराखंड पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया है। इस बीच बड़ी खबर मिली है। प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर केदारनाथ मंदिर का वीआइपी प्रवेश द्वार बंद किया है। अब हेली सेवा से आने वाले श्रद्धालु भी सामान्य लाइन में खड़े होकर दर्शन करेंगे। लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को हर हाल में दो घंटे के भीतर दर्शन कराने होंगे।




देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट)
चार धाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का उत्तराखंड पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया है। इस बीच बड़ी खबर मिली है। प्रशासन ने बैरिकेडिंग लगाकर केदारनाथ मंदिर का वीआइपी प्रवेश द्वार बंद किया है। अब हेली सेवा से आने वाले श्रद्धालु भी सामान्य लाइन में खड़े होकर दर्शन करेंगे। लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को हर हाल में दो घंटे के भीतर दर्शन कराने होंगे।

CM पुष्कर सिंह धामी ने हिंदुओं के विश्व प्रसिद्ध धामों बद्रीनाथ-केदारनाथ-गंगोत्री-यमुनोत्री में VVIP दर्शन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने कहा कि बड़े से बड़ा शख्स भी होगा तो उनको अब आम श्रद्धालु बन के ही दर्शन करने होंगे। चार धाम दर्शन और यात्रा को ले के इस साल अभूतपूर्व सैलाब श्रद्धालुओं का जिस तरह उमड़ रहा, उसको देखते हुए मुख्यमंत्री ने एहतियातन ये आदेश जारी किए।

केंद्र और राज्य के मंत्रियों-बड़े नौकरशाहों-बड़े उद्यमियों-कारोबारियों और अन्य विशिष्ट दर्शनार्थियों के लिए धामों में दर्शन की विशेष व्यवस्था की जाती रही है। उनको न लाइन में लगना पड़ता है न ही पूजा और अर्चना के लिए देर तक इंतजार करना पड़ता है। कई बड़े श्रद्धालुओं के साथ तो सरकार के आला अफसर भी ड्यूटी पर रहते हैं। इसके चलते वे अपना अन्य सरकारी और लोगों से जुड़े जनहित के कार्यों को नहीं कर पाते हैं।

पुष्कर ने अफसरों से कहा कि वे VVIPs और VIPs के पीछे न लगें और उनकी व्यवस्था में लग के आम श्रद्धालुओं की दिक्कतों पर से ध्यान न हटाएँ। देश और दुनिया के अनेक हिस्सों से आ रहे लाखों श्रद्धालु अपने साथ उत्तराखंड और चार धाम यात्रा से जुड़ी अच्छी याद ले के लौटें, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। इस बाबत किसी भी किस्म की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

केदारनाथ मंदिर में वीआइपी द्वार से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अब हेली सेवा से पहुंचने वाले श्रद्धालु भी लाइन में लगकर ही बाबा के दर्शन करेंगे। इसके लिए वीआइपी द्वार पर बैरिकेडिंग लगाई गई है।

अब तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु वीआइपी द्वार से मंदिर में प्रवेश कर रहे थे, इससे दर्शनों के दौरान धक्का-मुक्की तक की नौबत आ जा रही थी। वहीं, लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को हर हाल में दो घंटे के भीतर दर्शन कराने होंगे। मंदिर परिसर में यात्रियों को नियंत्रित करने के लिए भी बैरिकेडिंग लगाई गई है।

बाबा केदार के दर्शनों को इस बार श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। इससे व्यवस्थाएं बनाने में प्रशासन के पसीने छूट रहे हैं। अब तक सवा लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं। इससे दर्शनों के दौरान धक्का-मुक्का से भारी अव्यवस्था फैल रही है।

दरअसल, हेली सेवा से प्रतिदिन आने वाले लगभग दो हजार श्रद्धालु भी वीआइपी द्वार से दर्शनों को पहुंच रहे। इससे अव्यवस्था और बढ़ गई है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने वीआइपी दर्शनों पर रोक लगाने का निर्णय लिया।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि धाम में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को अब सामान्य लाइन में खड़े होकर दर्शनों के लिए अपनी बारी का इंतजार करना होगा। लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को दो घंटे में दर्शन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके लिए पुलिस फोर्स तैनात की गई है, जो लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को दर्शन कराने में सहयोग कर रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रति मिनट 30 श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जा रहे हैं, ताकि समय पर सभी श्रद्धालु दर्शन कर सकें।

बताया कि मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं बनाने और श्रद्धालुओं की मदद के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी), पुलिस व प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवान, सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं। इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए एक हजार से अधिक कंबल केदारनाथ भेजे गए हैं। यह उन श्रद्धालुओं को दिए जा रहे हैं, जो बिना गर्म कपड़ों के दर्शनों को पहुंच रहे हैं।