उत्तराखंड | कोरोना भगाने के लिए बीजेपी विधायक ने कार्यकर्ताओं संग किया हवन, कोविड कर्फ्यू को किया स्वाहा!

कोरोना महामारी से बचने के लिए दो गज की दूरी और मास्क सबसे जरूरी है। इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकारें लगातार लोगों को जागरुक कर रही है। लेकिन देहरादून से एक हैरान करने वाली खबर मिली है। यहां  देहरादून में बीजेपी के उत्साही कार्यकर्ताओं ने कोरोना से बचाव के लिए एक हवन का आयोजन किया। बताया गया कि ये हवन खुद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देशन में हुआ है।
 
उत्तराखंड | कोरोना भगाने के लिए बीजेपी विधायक ने कार्यकर्ताओं संग किया हवन, कोविड कर्फ्यू को किया स्वाहा!

देहरादून (उत्तराखंड पोस्ट) उत्तराखंड में कोरोना तेजी से पैर पसार रहा है। प्रदेश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रदेश में एक बार फिर कोरोना का बहुत बड़ा विस्फोट हुआ है।

शुक्रवार को प्रदेश भर में कोरोना के 5775 मामले सामने आए। इसी के साथ प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 277585 पहुंच गई है। वहीं 116 संक्रमित मरीजों की 24 घंटे में कोरोना से मौत हुई। 

कोरोना महामारी से बचने के लिए दो गज की दूरी और मास्क सबसे जरूरी है। इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकारें लगातार लोगों को जागरुक कर रही है। लेकिन देहरादून से एक हैरान करने वाली खबर मिली है। यहां  देहरादून में बीजेपी के उत्साही कार्यकर्ताओं ने कोरोना से बचाव के लिए एक हवन का आयोजन किया। बताया गया कि ये हवन खुद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देशन में हुआ है।

देहरादून के पंचायती मंदिर में हुए इस हवन में राजपुर रोड के बीजेपी विधायक खजान दास भी पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए। बाकायदा जो रिलीज भेजी गई उसके मुताबिक शुक्रवार की दोपहर बारह बजे घंटाघर स्थित पंचायती मंदिर में कोरोना महामारी से निवारण और विश्व कल्याण के लिए यज्ञ का आयोजन किया गया।

अब इस हवन से कोरोना कितना कम हुआ ये तो पता नही लेकिन इस यज्ञ में आहूति डाल रहे लोगों के बीच दो गज की दूरी देखने को नहीं मिली। तस्वीरों में देखा गया कि हवन कार्यक्रम में सभी एक दूसरे से सट कर खड़े थे औऱ यज्ञ में आहूति डाल रहें हैं।

हैरानी इस बात की भी है कि कोविड कर्फ्यू का खुलेआम उल्लंघन कर मंदिर में हवन करने की इजाजत इन्हें किसने दी। इस मंदिर से दो कदम की दूरी पर पुलिस का भारी जमावड़ा रहता है बावजूद इसके किसी ने इस हवन को रोकने की कोशिश नहीं की। न ही इन भाजपा नेताओं का कोई चालान हुआ और न ही उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज हुआ है। जो पुलिस आम लोगों को कोविड कर्फ्यू में बाहर निकलने पर प्रिजन वैन में बैठा देती है वो पुलिस इन सत्ताधारी दल के नेताओं के सामने मौन खड़ी देखती रही। शायद पुलिस और प्रशासन ये बताना चाहता होगा कि सभी नियम कानून आम जनता के लिए हैं।

सवाल ये भी है कि क्या मंदिर में हवन पूजन की अनुमति सरकार की SOP देती है? अब ऐसे में क्या कोई जिम्मेदार अधिकारी इनके खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत दिखा पाएगा ये भी एक बड़ा सवाल है।

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